menu-icon
India Daily

Durgapur Gangrape Case: 'लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाने देना चाहिए...', दुर्गापुर गैंगरेप पर सीएम बनर्जी का विवादित बयान, लोगों का फूंटा गुस्सा

Durgapur Gangrape Case: दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान विवादित बन गया. उन्होंने कहा कि 'लड़कियों को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए' और सुरक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है.

babli
Edited By: Babli Rautela
Durgapur Gangrape Case: 'लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाने देना चाहिए...', दुर्गापुर गैंगरेप पर सीएम बनर्जी का विवादित बयान, लोगों का फूंटा गुस्सा
Courtesy: Social Media

Mamata Banerjee on Durgapur Gangrape Case: दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप पर पश्चिम बंगल की मुख्यमंत्री का एक विवादित बयान आया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अस्पताल परिसर के पास पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी सरकार को इस मामले में घसीटना अनुचित है. CM बनर्जी ने कहा कि 'लड़कियों को रात में बाहर नहीं निकलने देना चाहिए...'. दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल के शोभापुर इलाके में एक निजी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस दूसरे साल की छात्रा के साथ शुक्रवार देर शाम गैंगरेप की घटना हुई.

पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की मूल निवासी हैं. घटना कॉलेज भवन के पीछे के अंधेरे इलाके में हुई. पुलिस ने बताया कि आरोपी कॉलेज परिसर के आसपास ही छात्रा के पीछे पड़े थे और इस भयावह अपराध को अंजाम दिया. मामला सामने आने के बाद छात्रा का मेडिकल जांच और न्यायिक प्रक्रिया तुरंत शुरू की गई.

CM बनर्जी ने क्या कहा?

CM बनर्जी ने जोर देकर कहा कि कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा, 'खासकर, लड़कियों को रात के समय बाहर नहीं निकलने देना चाहिए. उन्हें अपनी सुरक्षा भी करनी होगी.' यह बयान सोशल मीडिया और जनता के बीच तुरंत विवादित हो गया. कई लोगों ने इसे पीड़िता को दोषी ठहराने की कोशिश के रूप में देखा.

ममता बनर्जी के बयान पर राजनीतिक रिएक्शन

ममता बनर्जी के बयान पर विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने कहा कि यह महिलाओं के खिलाफ 'शर्मनाक और अनुचित' दृष्टिकोण है. सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी नोट किया कि सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सतर्कता तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि संस्थाओं और सरकार की जिम्मेदारी भी है कि वे महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें.

पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट पुलिस को दी. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. आरोपी छात्रों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी.

आर.जी. कार मेडिकल कॉलेज केस की आई याद

इस मामले की तुलना 2024 के आर.जी. कार मेडिकल कॉलेज त्रासदी से की जा रही है, जहां एक जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए.

पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और छात्रा के साथ आए उसके पुरुष मित्र सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है. जांचकर्ता परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं.