नई दिल्ली: कड़ाके की ठंड से जूझ रहे देश के कई हिस्सों में अब मौसम करवट लेने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी 2026 से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगेगा. दिल्ली-एनसीआर में जहां ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, वहीं बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी इलाकों में भी मौसम बदलाव के संकेत साफ नजर आ रहे हैं.
दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से जारी ठंड अब धीरे-धीरे कम होने के संकेत दे रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 22 और 23 जनवरी को हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री और न्यूनतम 7 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. बारिश के बाद दो-तीन दिनों तक ठंड बढ़ने की संभावना है.
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश प्रदूषक कणों को साफ करने में मदद करेगी. हालांकि, इसके बाद ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का असर फिर तेज हो सकता है. IMD ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी है. फरीदकोट, अमृतसर और बठिंडा जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है. चंडीगढ़ में भी ठंड का असर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है.
राजस्थान में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. 22 से 24 जनवरी के बीच जोधपुर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने बताया कि 26 से 28 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है, जिससे मावठ की बारिश हो सकती है.
कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम के खत्म होने के संकेत हैं. मौसम विभाग ने घाटी में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है. श्रीनगर समेत कई क्षेत्रों में बर्फ गिरने से सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है. प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है.