चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है. इस चरण में दिल्ली के साथ 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य संपन्न होगा. चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक इस चरण में 3.94 लाख बूथ स्तरीय घर-घर जाकर 36.73 करोड़ मतदाताओं को सत्यापन करेंगे. इस चरण के एसआईआर के लिए केवल जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश बचेंगे. इन राज्यों के लिए चुनाव आयोग अलग से अगले चरण में कार्यक्रम घोषित करेगा.
Watch: CEC Gyanesh Kumar says, "The first step towards serving the nation is voting. Therefore, every citizen of India who has completed 18 years of age must become a voter and must exercise their right to vote. In accordance with the Constitution of India, the laws governing… pic.twitter.com/fHOFMW1wJU
— IANS (@ians_india) May 14, 2026Also Read
चुनाव आयोग ने तीसरे चरण के एसआईआर में अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट, तेलांगना, ओडीशा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड समेत कुल 16 राज्यों को शामिल किया है. चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए एसआईआर कार्यक्रम के मुताबिक ओडिशा, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली, दमन- दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और हरियाणा में एसआईआर का काम 1 जुलाई से शुरू होगा. इसके अलावा तेलांगना, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, झारखंड और दिल्ली में 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और उसी के क्रम में 23 दिसंबर तक इन सभी राज्यों में फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया जाएगा.
Special Intensive Revision – Phase III
— Election Commission of India (@ECISVEEP) May 14, 2026
SIR to be conducted in phased manner in 16 States and 3 UTs
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आयोग ने बताया कि SIR अभियान का पहला चरण बिहार में शुरू किया गया था. इसके बाद SIR अभियान को 11 अन्य राज्यों जिनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु शामिल हैं और एक केंद्र शासित प्रदेश में लागू किया गया. इस अभियान के दौरान कुल 51 करोड़ वोटरों की जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 10.2 प्रतिशत नाम हटा दिए गए क्योंकि उन्हें अनुपस्थित मृत या फर्जी एंट्री के तौर पर पहचाना गया था.