तमिल अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK सरकार को सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद पहला बड़ा राजनीतिक विवाद झेलना पड़ रहा है. BJP ने नए मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए जारी 5.54 करोड़ रुपए के टेंडर में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है . हालांकि, TVK ने इसे घोटाला मानने से इनकार किया है.
विवाद विजय के मुख्यमंत्री कार्यालय को फोर्ट सेंट जॉर्ज के मुख्य ब्लॉक से पास स्थित नमक्कल कविनार मालिगई में स्थानांतरित करने की योजना से जुड़ा है. TVK का कहना है कि कार्यालय बदलने का मकसद मुख्यमंत्री की निजी सुविधा नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
BJP का आरोप है कि नए CMO के निर्माण का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू हो गया था. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि शुरुआती ई-टेंडर में परियोजना की अनुमानित लागत की जगह ‘NA’ लिखा गया था. बाद में प्रिंट विज्ञापन में इसकी कीमत 5.54 करोड़ बताई गई. हालांकि, TVK मंत्री आधव अर्जुन ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया है.
आरोपों के मुताबिक, टेंडर का विज्ञापन 13 अगस्त को अखबारों में प्रकाशित हुआ, जबकि संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर 17 अगस्त को अपलोड किए गए. सामान्य प्रक्रिया में टेंडर की ऑनलाइन जानकारी और प्रिंट विज्ञापन में परियोजना लागत, अवधि और अन्य शर्तें समान होनी चाहिए. इसी अंतर को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है.
तमिलनाडु विधानसभा में DMK विधायक ईवी वेलु ने नए कार्यालय की जरूरत पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि, एमजी रामचंद्रन और जयललिता इसी परिसर से काम करते रहे. दूसरी ओर, TVK मंत्री अर्जुन ने कहा कि मौजूदा कार्यालय में अधिकारियों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर अभी अंतिम रूप से आवंटित नहीं हुआ है.
TVK ने पूरे मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यदि कोई विसंगति हुई भी है तो वह प्रक्रियागत या तकनीकी चूक है. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि टेंडर अभी पूरा नहीं हुआ है. हालांकि, BJP और DMK के सवालों ने विजय सरकार के सामने शुरुआती बड़ा राजनीतिक परीक्षण खड़ा कर दिया है.