menu-icon
India Daily

JD Vance India Visit: पीएम मोदी से मिले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के टैरिफ समेत इन मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की अनिश्चितताओं से जूझ रही है.

garima
Edited By: Garima Singh
JD Vance India Visit: पीएम मोदी से मिले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के टैरिफ समेत इन मुद्दों पर हुई अहम चर्चा
Courtesy: X

JD Vance India Visit: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की अनिश्चितताओं से जूझ रही है. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर गहन चर्चा की. 

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बात उन्नत चरण में है. व्हाइट हाउस ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. वह एक व्यापार समझौता करने के लिए उत्सुक है, जो दुनिया के सबसे बड़े माल निर्माता चीन के साथ व्यापार युद्ध के प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है.' राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26% टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है, जिसे अर्थशास्त्री “win-win” समझौते का अवसर मान रहे है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा, “पीएम मोदी और जेडी वेंस के बीच बैठक के तुरंत बाद इस हफ्ते क्षेत्र-विशिष्ट व्यापार चर्चाएँ होंगी. 

भारत का स्पष्ट रुख

भारत ने जोर देकर कहा है कि वह किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा. भारत ने स्पष्ट किया, “समझौता तभी होगा जब भारत की चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा.  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही वाशिंगटन में IMF बैठक के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस समझौते पर उच्च-स्तरीय वार्ता करेंगी. 

अमेरिकी निवेश की संभावनाएं

भारत प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, और ऊर्जा क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश में वृद्धि की उम्मीद कर रहा है. हाल ही में टेस्ला और स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क ने पीएम मोदी से फोन पर बात की और 2025 के अंत में भारत आने का संकेत दिया. इसके अलावा, होलटेक इंटरनेशनल को भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन और निर्माण की मंजूरी मिली है.