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NET NEET Row: क्या है एंटी पेपर लीक लॉ, पकड़े जाने पर क्या मिलती है सजा? समझिए सारा कानून

देश भर में नीट पेपर को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार नें यूजीसी-नेट की परीक्षा को रद्द कर दिया है. यह परीक्षा 18 जून को हुई थी. जिसमें करीब 11 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था. नीट परीक्षा 2024 को आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए ) ने ही इस परीक्षा का भी आयोजन कराया था.

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मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित रूप से चल रहे विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने UGC-NET 2024 परीक्षा को कल यानी 19 जून को रद्द करने का आदेश दे दिया. साथ ही जांच के मामले को कंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया है. शिक्षा मंत्रालय ने पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा एनईईटी-यूजी 2024 के आयोजन में कथित अनियमितताओं के संबंध में बिहार पुलिस की आर्थिक इकाई से भी एक रिपोर्ट मांगी है. साथ ही उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

क्यों रद्द हुई UGC-NET परीक्षा?

शिक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि गृह मंत्रालय की साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) की नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जानकारी दी. उसके बाद परीक्षा की पारदर्शिता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए सरकार ने इस परीक्षा को रद्द का फैसला लिया.

नया एंट्री पेपर लीक कानून क्या है? 

नेट यूजीसी, यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती जैसे परीक्षाओं में पेपर लीक करने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार ने एंट्री पेपर कानून बनाई है, जिसे सार्वजनिक परीक्षा कानून (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 का नाम दिया गया है. इस साल के फरवरी में ही इस कानून को पारित किया गया था.  

  • इस नए कानून के मुताबिक पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने के बाद व्यक्ति को 10 साल की सजा और 1 करोड़ रूपये का जुर्माना लगया जा सकता है.
  • दूसरे कैंडिडेट के स्थान पर परीक्षा देने के मामले में दोषी पाए जाने पर अपराधी को 3 से 5 साल की जेल होगी और 10 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा. 
  • अगर परीक्षा में गड़बड़ी मामले में किसी संस्थान का नाम सामने आता है तो उस संस्थान से परीक्षा का पूरा खर्चा वसूला जाएगा. साथ ही संस्थान की संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है.