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India Daily

LPG की नहीं पड़ेगी किल्लत, दो और भारतीय टैंकरों ने सुरक्षित पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

दो भारतीय एलपीजी टैंकर बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म 94,000 टन कुकिंग गैस लेकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पार हो गए. दोनों टैंकर क्रमशः 31 मार्च और 1 अप्रैल को भारत पहुंचेंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
LPG की नहीं पड़ेगी किल्लत, दो और भारतीय टैंकरों ने सुरक्षित पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
Courtesy: @BRICSinfo

युद्धग्रस्त हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दो और भारतीय एलपीजी टैंकर सुरक्षित निकल गए हैं. बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म नामक ये जहाज करीब 94,000 टन एलपीजी लेकर भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं. बीडब्ल्यू टायर 31 मार्च को मुंबई पहुंचेगा, जबकि बीडब्ल्यू एल्म 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पहुंचेगा. यह खबर उस समय आई है जब अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इस मार्ग से शिपिंग लगभग ठप हो चुकी है. भारत अपनी 60 फीसदी कुकिंग गैस जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है.

 हॉर्मुज से सुरक्षित निकले दो टैंकर

आधिकारिक बयान के अनुसार, बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म ने संकटग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित यात्रा पूरी कर ली है. बीडब्ल्यू टायर मुंबई की ओर बढ़ रहा है, जबकि बीडब्ल्यू एल्म न्यू मैंगलोर के लिए रवाना हो चुका है. इससे पहले चार अन्य भारतीय एलपीजी टैंकर भी सुरक्षित निकल चुके हैं. पाइन गैस और जग वसंत 92,612 टन गैस लेकर 26-28 मार्च के बीच पहुंचे थे. इसके अलावा एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी 92,712 टन एलपीजी लेकर गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहले ही पहुंच चुके हैं.

एलपीजी संकट से राहत की उम्मीद

भारत 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत करता है, जिसमें 60 फीसदी आयात होता है. इसमें 90 फीसदी अकेले पश्चिम एशिया से आयात होता है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत अब अमेरिका और अर्जेंटीना से एलपीजी मंगा रहा है. नए टैंकरों के आने से दशकों के सबसे बड़े एलपीजी संकट में राहत मिलने की उम्मीद है. अभी भी 18 भारतीय जहाज और 485 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. कुल मिलाकर 28 जहाज थे, जिनमें से अब तक छह पश्चिमी तरफ से और दो पूर्वी तरफ से सुरक्षित निकले हैं.

अन्य टैंकरों की स्थिति

जग लाडकी नामक भारतीय टैंकर 80,886 टन कच्चा तेल लेकर 18 मार्च को मुंद्रा पहुंचा. जग प्रकाश पहले ही सुरक्षित पार कर तंजानिया जा रहा है. जग विक्रम, ग्रीन आशा और ग्रीन संजी अभी भी पश्चिमी हॉर्मुज में फंसे हैं. एक खाली जहाज एलपीजी से भरा जा रहा है. डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है.