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'न्यूड किया, पीटा, चेहरे पर मिर्च पाउडर भी डाला', कई दिनों से यातना झेल रही थी आदिवासी महिला

Tribal Woman Torture: एक आदिवासी महिला के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है. महिला को कई दिनों तक टॉर्चर किया गया. उसकी पिटाई की गई, उसके चेहरे पर मिर्च का पाउडर भी डाला गया. फिलहाल, महिला का एक फॉर्म हाउस से रेस्क्यू किया गया है. मामले की जानकारी के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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Tribal Woman Torture: आदिवासी महिला को न्यूड कर उसकी पिटाई करने का मामला सामने आया है. पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने उसे पिछले कुछ दिनों से अपने फॉर्म हाउस में कैद कर रखा था. इस दौरान न्यूड कर उसकी पिटाई की गई, उसके चेहरे पर मिर्च का पाउडर भी डाला गया. फिलहाल, पीड़िता का रेस्क्यू कर लिया गया है. पीड़िता की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. मामला तेलंगाना का है.

अधिकारियों के मुताबिक, महिला बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रही थी, जब उसने वहां से निकलने की कोशिश की तो उसे प्रताड़ित किया गया. मामले की जानकारी के बाद तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने उसकी मदद करने का वादा किया. शिकायत के अनुसार, पीड़िता की बहन और बहनोई भी इस यातना में शामिल थे. 

पति के साथ फार्म हाउस पर बंधुआ मजदूर थी महिला

अधिकारियों के अनुसार, महिला और उसका पति कथित तौर पर नागरकुरनूल जिले में बांदी वेंकटेश नाम के व्यक्ति के फार्म पर बंधुआ मजदूर थे. सोमवार को कोल्लापुर सब डिविजिनल मजिस्ट्रेट ने बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत दंपति को मुक्त करने का आदेश जारी किया. पुलिस ने पिछले सप्ताह महिला को बचाया था, जब उसके पति ने उन्हें यातना के बारे में बताया था.

स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, खेत मालिक अक्सर दंपति के साथ दुर्व्यवहार करता था और पिछले दो महीनों से वो महिला पर अपना काम ठीक से नहीं करने का आरोप लगा रहा था. वह बिना किसी को बताए खेत से चली गई और 5 जून को उसे पास के एक गांव में पाया गया जहां वह अपने रिश्तेदारों के साथ रह रही थी.

न्यूड किया, ताकि महिला भागने की कोशिश न करे

शिकायत में कहा गया है कि खेत मालिक और उसके कुछ रिश्तेदारों ने उसे कथित तौर पर उठा लिया और अपने घर के बगल में एक घर में ले गए. वहां उसे कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और उसके कपड़े उतार दिए गए ताकि वह भागने की कोशिश न करे. 

जांच अधिकारी पी ऋषिकेश ने बताया कि पीड़िता ने जानकारी दी है कि 6 या 7 जून को उसकी बहन और बहनोई ने वेंकटेश के आदेश पर उसकी आंखों, चेहरे और शरीर पर मिर्च पाउडर छिड़का और उसे डंडों से पीटा. 9 जून को उन्होंने कथित तौर पर उसके निजी अंगों पर जलता हुआ कपड़ा डाल दिया. आरोपियों ने वीडियो भी बनाए.

महिला के पति ने दावा किया कि उसे नहीं पता था कि उसकी पत्नी को प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन जब उसे 19 जून को इसकी जानकारी मिली तो वह पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने मामला दर्ज कर उसी दिन उसे बचा लिया. मामले की जानकारी के बाद हैदराबाद के डिप्टी एसपी बी श्रीनिवास ने कहा कि पीड़िता का जब रेस्क्यू किया गया, वो बुरी हालत में थी, वो कमज़ोर और चलने में असमर्थ थी. स्थानीय सरकारी अस्पताल में इलाज के बाद उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया है.

आरोपियों के खिलाफ इन धाराओं के तहत दर्ज किया मामला

20 जून को पुलिस ने वेंकटेश और पीड़िता की बहन और बहनोई सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया. उन पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 354 (हमला या आपराधिक बल), 376 (यौन उत्पीड़न) और 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वेंकटेश ने पुलिस के सामने दावा किया कि दंपत्ति ने उससे पैसा लिया था और बदले में उसके खेत पर काम करने के लिए सहमत हो गए थे. उधर, तेलंगाना के डिप्टी सीएम विक्रमार्क ने सोमवार को अस्पताल में महिला से मुलाकात की और उसे मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि सरकार उनके इलाज का खर्च उठाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार इंदिराम्मा आवास योजना के तहत उन्हें एक घर, खेती के लिए जमीन और उनके बच्चों को सरकारी सामाजिक कल्याण स्कूल में शिक्षा मुहैया कराएगी.