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NEET का एक और गंदा राज? दूसरे प्रयास में कई अभ्यर्थियों की रैंक लाखों से हजारों में पहुंची, एग्जाम सेंटर्स को लेकर भी बड़ा दावा

NEET Dirty Secret: बवाल से जूझ रहे NEET का एक और गंदा राज सामने आया है. कई ऐसे अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मिली है, जिन्होंने पहले प्रयास में लाखों में रैंक हासिल की, लेकिन अपने दूसरे ही प्रयास में उनका रैंक हजारों में पहुंच गया. इनमें से कुछ वर्तमान में किसी मेडिकल अस्पताल में स्टूडेंट है, तो कोई मेडिकल अस्पताल में पढ़ती है. मामले के खुलासे के बाद पड़ताल जारी है.

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NEET का एक और गंदा राज? दूसरे प्रयास में कई अभ्यर्थियों की रैंक लाखों से हजारों में पहुंची, एग्जाम सेंटर्स को लेकर भी बड़ा दावा
Courtesy: Social Media

NEET Dirty Secret: जब मनु (बदला हुआ नाम) ने 2022 में पहली बार NEET की परीक्षा दी थी, तो उसकी रैंक छह अंकों की थी. अगले साल अपने दूसरे प्रयास में, मनु की रैंक 2 लाख से बढ़कर 8000 हो गई. फिलहाल, 25 साल की मनु मुंबई के LTMG सायन अस्पताल की स्टूडेंट है. 2022 की एक और अभ्यर्थी जिसकी रैंक 10 लाख से अधिक थी, अब मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में पढ़ती है. उसने 2023 में अपने दूसरे प्रयास में लगभग 13000 रैंक हासिल की है. पेपर लीक की जांच पड़ताल के बीच इस खुलासे ने NEET के अभ्यर्थियों की नींद उड़ा दी है. 

मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों ने इस 'सेकंड अटेम्प्ट' को हैरान करने वाला बताया है और गड़बड़ी की आशंका भी जताई है. उनका कहना है कि दूसरे प्रयास की तैयारी के लिए एक साल का ब्रेक लेने के बाद अभ्यर्थियों के रैंक में अविश्वसनीय सुधार हुआ है, जो गड़बड़ी की ओर इशारा करता है. इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाली ये जानकारी सामने आई है कि दूसरे अटेम्प्ट वाले अभ्यर्थियों ने ऐसे एग्जाम सेंटर्स से परीक्षा दी थी, जिसके बारे में किसी को ज्यादा पता नहीं था. कुछ ने बेलगावी के एक छोटे से गांव से परीक्षा दी, तो कुछ ने पटना के पास एक छोटे से शहर और अन्य स्थानों को चुना जिसके बारे में ज्यादा किसी को पता भी नहीं है.

दूसरे अटेम्प्ट वाले अभ्यर्थियों की बन रही लिस्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने कहा कि 'दूसरे अटेम्प्ट' वाले अभ्यर्थियों की लिस्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इनमें कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जो सरकारी मेडिकल कॉलेजों से MBBS कर रहे हैं. इस साल यानी 2024 में भी ऐसा ही मामला तब सामने आया, जब  भी ऐसा ही नजारा तब देखने को मिला जब अलग-अलग राज्यों के अभ्यर्थियों ने गुजरात के गोधरा के एक स्कूल से एग्जाम देने का विकल्प चुना.

जब अभ्यर्थी अपना NEET (UG) अप्लिकेशन भरते हैं, तो उनसे एग्जाम सेंटर्स के लिए दो शहरों के विकल्प को भरने की छूट दी जाती है. पैरेंट्स रिप्रेजेंटेटिव और काउंसलर सुधा शेनॉय ने कहा कि फरवरी में फॉर्म भरने से पहले, पैरेंट्स ने मुझे ऐसे एजेंट्स के बारे में बताया जिन्होंने कहा था कि वे अभ्यर्थियों के लिए फॉर्म भरेंगे और एग्जाम सेंटर्स शहरों से दूर होंगे.

एक्सपर्ट्स: NEET का मुद्दा स्थानीय नहीं, 'बड़े पैमाने पर फैलने' की संभावना है

सुधा शेनॉय ने कहा कि पैरेंट्स को आश्वासन दिया गया था कि उनके बच्चे को 'हाई' रैंक मिलेगी और 1 लाख रुपये एडवांस, 9 लाख रुपये रिजल्ट के बाद देने होंगे. मैंने उन्हें ऐसे किसी भी जाल में फंसने से रोका था. एक्सपर्ट्स ने कहा कि NEET 2024 विवाद सिर्फ़ स्थानीय नहीं है, बल्कि संभवतः बड़े पैमाने पर फैला हुआ है. उन्होंने कहा कि NTA को सिस्टम को बारीकी से देखने और खामियों को खोजने, उन्हें ठीक करने की ज़रूरत है.

छात्र प्रतिनिधि और काउंसलर सचिन बांगड़ के मुताबिक, एक छात्र को 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार और आधार कार्ड पर दिए गए पते के आधार पर एक स्थानीय सेंटर दिया जाना चाहिए. इसके अलावा, पर्यवेक्षण के लिए सरकारी अधिकारियों को भी शामिल किया जाना चाहिए. वोटिंग प्रोसेस की तरह, उन्हें ड्यूटी के बारे में एक रात पहले ही सूचित किया जाना चाहिए. ”