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नौकरी, राशन और हथियार घोटाले के मामले में बंगाल में TMC पर शिकंजा, चार नेता गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में जांच एजेंसियों ने नौकरी घोटाला, हथियार बरामदगी और राशन घोटाले सहित विभिन्न मामलों में टीएमसी के चार नेताओं को गिरफ्तार किया है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
नौकरी, राशन और हथियार घोटाले के मामले में बंगाल में TMC पर शिकंजा, चार नेता गिरफ्तार
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विभिन्न भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने गुरुवार को कार्रवाई तेज कर दी. अलग-अलग मामलों में सत्तारूढ़ दल टीएमसी के चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है.

कोलकाता पुलिस ने महेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है. वह कोलकाता नगर निगम के पार्षद हैं. उनके खिलाफ वसूली, धमकी, आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जांच एजेंसियों ने क्या लगाया है आरोप?

पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में कथित नौकरी घोटाले के मामले में तृणमूल नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर अनियमितताएं की गईं. मामले में आगे की जांच जारी है.

वहीं, कोलकाता के सुरेन्द्रनाथ कॉलेज से हथियार बरामदगी मामले में तृणमूल नेता परितोष दत्ता को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस मामले में हथियारों के स्रोत और अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

राजीव बनर्जी को क्यों किया गया है गिरफ्तार?

एक अन्य कार्रवाई में बीरभूम जिले से पंचायत अधिकारी और तृणमूल नेता राजीव बनर्जी को सरकारी राशन के चावल की कथित अवैध बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े अनाज की बिक्री में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं.

इसी बीच कृष्ण चक्रवर्ती ने गुरुवार को बिधाननगर की मेयर पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. दूसरी ओर अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के भारत दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था के मामले में राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास पूछताछ के लिए थाने में उपस्थित नहीं हुए. उनके वकील ने पुलिस से 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है.

उधर, बंगाल विधानसभा में कथित जाली हस्ताक्षर विवाद की जांच भी तेज हो गई है. इस सिलसिले में सीआईडी की टीम फिरहाद हकीम के आवास पहुंची और उनसे पूछताछ की. अदालत के आदेश पर तीन तृणमूल विधायकों के हस्तलेखन के नमूने भी एकत्र किए गए हैं. जांच एजेंसी अब इन नमूनों का मिलान विवादित हस्ताक्षरों से करेगी.