Tirupati Stampede: तिरुपति के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर मेंअचानक मची भगदड़ में 6 लोगों की जान चली गई. वहीं हजारों लोग घायल हो गए. यह हादसा तब हुआ जब वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में विशेष दर्शन के लिए फ्री टोकन वितरित किया जा रहा था. इस पूरी घटना के पीछे की वजह सामने आई है.
मीडिया रिपोर्ट से मिल रही जानकारी के मुताबिक एक मल्लिका नाम की महिला 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए टोकन काउंटर पर कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रही थी. इसी दौरान वो अचानक बेहोश होने लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाने के लिए मेन गेट खोला गया. तभी आतुर भीड़ में अचानक भगदड़ मच गई. जिसमें हजारों लोग घायल हो गए और 6 की जान चली गई.
मीडिया से बात करते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के बोर्ड मेंबर भानु प्रकाश रेड्डी ने बताया कि इस मौके पर टोकन बांटने के लिए 91 काउंटर खोले गए थे. जिसके लिए गुरुवार को दरवाजे खोले जाने थे लेकिन इससे पहले भगदड़ मचगई. उन्होंने इस घटना को लेकर लोगों से माफी मांगी है और आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि टीटीडी के इतिहास की ये पहली घटना है, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए.
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें पुलिस भीड़ को कंट्रोल करने कोशिश कर रही है, लेकिन फिर भी कंट्रोल नहीं हो पाया. टीटीडी चेयरमैन बीआर नायडू ने इसके लिए मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि डीएसपी द्वारा एक ओर का दरवाजा खोल दिया गया जिसके कारण भगदड़ मच गई. घटना में घायल हुए एक परिवार से आंध्र प्रदेश के सीएम नायडू आज मिलने जाएंगे.
तिरुपति मंदिर में हर साल वैकुंठ एकादशी के दिन लाखों श्रृद्धालु बैकुंठ द्वार दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस दिन तिरुपति में खास पूजा की जती है. इस बार दस दिनों के लिए ये आयोजन किया गया है. जिसमें टोकन व्यवस्था की गई है. इस आयोजन के पहले दिन ही उमड़ी अनियंत्रित भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई.