महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, तीसरे बच्चे के जन्म पर भी मिलेगी 365 दिन की छुट्टी
तमिलनाडु में तीसरे बच्चे के जन्म पर महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन का वैतनिक मातृत्व अवकाश देने की घोषणा की खबर सामने आई है. हालांकि, मौजूदा नियमों में तीसरे बच्चे के लिए 12 सप्ताह का प्रावधान है.
नई दिल्ली: तमिलनाडु में महिला सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मातृत्व अवकाश के नियमों को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है. उपलब्ध रिपोर्टों में तीसरे बच्चे के लिए 365 दिन की छुट्टी की घोषणा का दावा किया गया है. लेकिन सरकारी नियमों और हालिया अदालती फैसलों की स्थिति इससे अलग तस्वीर दिखाती है. मार्च 2026 में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नियमों में बदलाव किया था, जिसके तहत दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारी को 12 सप्ताह का वैतनिक अवकाश मिलता है.
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने तीसरे बच्चे के जन्म पर महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए 365 दिन के वैतनिक मातृत्व अवकाश का फैसला किया है. इस कदम को कामकाजी माताओं के लिए राहत के तौर पर पेश किया गया है. हालांकि, इस दावे को मौजूदा सरकारी नियमों के साथ मिलाकर देखना जरूरी है, क्योंकि मार्च 2026 में जारी संशोधन में तीसरे बच्चे के मामले में 12 सप्ताह की सीमा रखी गई थी.
पुराने नियम में क्या था प्रावधान?
तमिलनाडु के पुराने फंडामेंटल रूल 101(A) के तहत 365 दिन तक का मातृत्व अवकाश उन महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए था, जिनके दो से कम जीवित बच्चे हों. दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारी के लिए नियम अलग था. लंबे समय से यही प्रावधान तीसरे बच्चे के मामले में विवाद का कारण बना हुआ था. मद्रास हाई कोर्ट के फैसलों में भी इस नियम की व्याख्या सामने आई थी.
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदला नियम
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने K. Umadevi मामले में मातृत्व लाभ के सवाल पर महत्वपूर्ण फैसला दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि दो से अधिक बच्चों वाली महिला को मातृत्व लाभ से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता, लेकिन लाभ की अवधि कम हो सकती है. इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 13 मार्च 2026 को G.O.Ms.No.18 जारी कर फंडामेंटल रूल 101(A) में संशोधन किया.
अभी लागू व्यवस्था क्या कहती है?
संशोधित नियमों के अनुसार, दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारी को अधिकतम 365 दिन का मातृत्व अवकाश मिल सकता है. यदि पहले प्रसव में जुड़वां बच्चों के कारण दो जीवित बच्चे हुए हों, तो एक और प्रसव के लिए भी 365 दिन का प्रावधान है. वहीं, दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारी को पूर्ण वेतन पर अधिकतम 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाता है.
खबर के बीच तथ्य समझना जरूरी
इस मुद्दे पर जून 2026 में मद्रास हाई कोर्ट ने भी साफ किया कि संशोधित नियमों के तहत तीसरे बच्चे के लिए 365 दिन का वैतनिक अवकाश स्वतः देय नहीं है. अदालत ने G.O.Ms.No.18 के अनुसार पात्र लाभ देने की बात कही. इसलिए तीसरे बच्चे पर 365 दिन की छुट्टी को लेकर सामने आई घोषणा और मौजूदा कानूनी स्थिति में अंतर है. इस विषय पर अंतिम सरकारी आदेश या आधिकारिक स्पष्टीकरण आने तक दावे को सावधानी से समझना जरूरी है.