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भारत के 3 हजार पुलिस थानों में CCTV कैमरे नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ रहीं धज्जियां

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में निर्देश दिया था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हर थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए. इस फैसले का उद्देश्य पुलिस हिरासत में होने वाली हिंसा पर लगाम लगाना था.

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भारत के 3 हजार पुलिस थानों में CCTV कैमरे नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ रहीं धज्जियां
Courtesy: symbolic image

Delhi News: बीते दिनों ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक पुलिस थाने से एक महिला के यौन उत्पीड़न की खबर आई थी. यह घटना 14-15 सितंबर की रात को हुई थी. महिला ने कहा था कि वह कुछ युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस स्टेशन गई थी. उसके साथ उसके मंगेतर भी थे जो सेना में अधिकारी हैं.

महिला ने मीडिया से कहा, 'थाने में मेरी FIR दर्ज नहीं की गई. पुलिसवालों ने मेरे मंगेतर को कस्टडी में डाल दिया. मेरे विरोध करने पर दो महिला अफसरों ने मुझे पीटना शुरू कर दिया. जैकेस से मेरे हाथ बांदे और स्कॉर्फ से पैर बांधकर मुझे कमरे में डाल दिया. इसके बाद एक पुलिस अधिकारी ने मेरी छाती पर लातें मारीं और फिर स्टेशन प्रभारी निरीक्षक आए और उन्होंने मेरा और खुद का पैंट नीचे कर दिया और मुझे अपना लिंग दिखाकर भद्दी बातें कीं.' इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ  FIR दर्ज हुई थी. कोर्ट ने मामले की जांच के भी आदेश दिए थे.

थाने में नहीं लगे थे CCTV कैमरे

मामला तब अटक गया जब मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से सबूत जुटाने में दिक्कत आएगी.

देश के तीन हजार थानों का यही हाल

ये हाल केवल ओडिशा के थाने का नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद देश के करीब तीन हजार थाने ऐसे हैं जिनमें आज भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं. सीसीटीवी कैमरों के अभाव में थाने के अंदर पुलिसकर्मी अपराधी के साथ कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में निर्देश दिया था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हर थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए. इस फैसले का उद्देश्य पुलिस हिरासत में होने वाली हिंसा पर लगाम लगाना था.

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के डेटा के अनुसार, एक जनवरी 2023 को देशभर में करीब 18 हजार पुलिस थाने थे जिनमें से करीब 15 हजार पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे थे और करीब तीन हजार थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे.

पुलिस हिरासत में 650 से अधिक मौत
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मुताबिक पुलिस हिरासत में हुईं मौतों के संबंध में 650 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जिसमें से सबसे ज्यादा मामले गुजरात (81), महाराष्ट्र (80) में दर्ज हुए. एमपी में (50), यूपी में 41, पश्चिम बंगाल में 40 और  तमिलनाडु में 36 मामले सामने आए.

थाने में किन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, थानों में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे चलने चाहिए. उनमें नाइट विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी सुविधा होनी चाहिए. इसके साथ-साथ साल भर सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की क्षमता होनी चाहिए. पुलिस थाने में हवालात, गलियारे, बरामदे, रिसेप्शन एरिया, निरीक्षक और उप-निरीक्षक के कमरे और शौचालयों के बाहर सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए.