Haldwani Communal Violence: पुलिस की गाड़ी फूंकी, बचने की नहीं थी उम्मीद, पुलिसकर्मी ने सुनाई हल्द्वानी हिंसा की आपबीती
अतिक्रमण विरोधी अभियान की कार्रवाई से गुस्साए लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर पथराव कर दिया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. कई पुलिसकर्मियों ने हल्द्वानी हिंसा की आपबीती सुनाई है.
नई दिल्ली: अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हलद्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हिंसा भड़कने से चार लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए. हिंसा के बाद उत्तराखंड सरकार ने एहतियात के तौर पर राज्य में हाई अलर्ट कर दिया है. अशांति के बाद जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बैन कर दी हैं और सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है. अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान बनभूलपुरा में हिंसा भड़कने के बाद अर्धसैनिक बलों की चार कंपनियों को नैनीताल जिले के हलद्वानी भेजा गया था. वहीं प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की दो कंपनियां भी हल्द्वानी में मौजूद है.
पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने बताया कि भगदड़ में सुरक्षित स्थान पर जाने लगा तो भीड़ ने पकड़ लिया और मारना शुरू कर दिया, बचने के लिए नगर निगम की गाड़ी में छिपा तो वहां से भी निकाल कर सिर पर हमले किए. कुछ लोगों ने बचाया उसके बाद फिर बेस अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं एक और कांस्टेबल ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान लगातार नारेबाजी और पथराव पथराव हो रहा था. हाथ और पैरों पर काफी पत्थर पड़े. उनके बाद जैसे-तैसे अस्पताल आया तब जाकर डाक्टरों ने मामूली चोट की दवाएं दी हैं.
एक महिला कांस्टेबल ने सुनाई आपबीती
एक महिला कांस्टेबल का कहना है कि पथराव के दौरान भगदड़ में भगने से मैं सड़क पर गिर गई. मेरे ऊपर से कई लोग गुजर कर आगे बढ़ गए. वहीं कुछ लोगों ने बचाया और अस्पताल ले आए. मेरे पैर- हाथ में भी चोट आई है. मेरे बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन मैं कैसे बची पता नहीं.
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जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कर्फ्यू लागू
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर बनभूलपुरा में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश भी जारी किया गया है. जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम अदालत के आदेश के अनुसार बनभूलपुरा, हलद्वानी में अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रही थी. अभियान के खिलाफ कुछ उपद्रवियों ने अधिकारियों पर पथराव किया और हिंसा की. हल्द्वानी की डीएम वन्दना सिंह ने कहा कि भीड़ ने पुलिस स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जानें कैसे भड़की हिंसा?
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में गुरुवार शाम हिंसा भड़क गई. शहर के मलिक का बगीचा में स्थित अवैध मदरसा और नमाज स्थल को तोड़ने के लिए नगर निगम के कर्मचारी और पुलिसकर्मी ने अभियान शुरू किया. इसी दौरान शाम 4 बजे इलाके के स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी और हमला करना शुरू कर दिया. पुलिसकर्मी बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से भागे. फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी हुई है.