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मंत्री, सांसद, विधायक... किसने भेजा है? तेलंगाना के स्कूलों में एडमिशन फॉर्म में स्पेशल कॉलम जोड़ा

Telangana News: तेलंगाना के रेसिडेंशियल स्कूलों में एडमिशन के लिए अब पैरेंट्स को ये बताना होगा कि आखिर रिकमेंडेशन किसका है, यानी किसने भेजा है. एडमिशन के लिए स्कूलों के ऑनलाइन फॉर्म में एक नया कॉलम जोड़ा गया है, जिसमें भरना जरूरी होगा. इसमें ऑप्शन के तौर पर मंत्री से लेकर सांसद और विधायक तक शामिल हैं. फिलहाल, स्कूल के फॉर्म में जुड़े नए कॉलम ने पैरेंट्स को चौंका दिया है.

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मंत्री, सांसद, विधायक... किसने भेजा है? तेलंगाना के स्कूलों में एडमिशन फॉर्म में स्पेशल कॉलम जोड़ा
Courtesy: Social Media

Telangana News: अगर आप तेलंगाना में रहते हैं और अपने बच्चे का किसी रेसिडेंशियल स्कूल में एडमिशन कराना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है. स्कूलों में एडमिशन के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में नया कॉलम जोड़ा गया है, जिसने पैरेंट्स को चौंका दिया है. दरअसल, इस कॉलम में पूछा गया कि एडमिशन के लिए आखिर भेजा किसने है, यानी रिकमेंडेशन किसका है? अब सवाल उठने लगा है कि क्या तेलंगाना के रेसिडेंशियल स्कूलों में एडमिशन के लिए एग्जाम में मार्क्स से अधिक रिकमेंडेशन ज्यादा महत्वपूर्ण है?

रेसिडेंशियल स्कूलों में एडमिशन के लिए किया गया ये नया बदलावा पैरेंट्स के गले से नीचे नहीं उतर रहा है. नए बदलाव के तहत, गवर्मेंट वेलफेयर स्कूल्स (अल्पसंख्यक स्कूलों को छोड़कर) के लिए एडमिशन फॉर्म में अब 'रेफर किए गए' कॉलम को भरना होगा, जिसे जमा करने से पहले एडमिशन के लिए इच्छुक पैरेंट्स को अन्य सभी डिटेल्स के साथ भरना होगा.

पैरेंट्स को चुनना होगा विकल्प

फॉर्म के ऑनलाइन वर्जन में, कॉलम में पैरेंट्स को मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी, आईएएस, आईपीएस या अन्य में से कोई एक विकल्प चुनना होगा. इसमें रिकमेंड करने वाले की डिटेल भी मांगी गई है, जिसमें उनका नाम, पोस्ट, कॉन्टेक्ट नंबर और लेटर शामिल है.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करने वाले कुछ रेसिडेंशियल स्कूलों के प्रिंसिपल्स ने पुष्टि की कि इस एकेडमिक ईयर से शुरू होने वाले फॉर्म में ये नया कॉलम जोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि संभवत इसका कारण ये है कि कई पैरेंट्स अपने परिचितों का रिकमेंडेशन लेटर लेकर सीधे स्कूल के ऑफिस में पहुंच जाते हैं, जिससे कई स्टूडेंट्स एडमिशन से वंचित रह जाते हैं. ऐसे लोगों को रोकना ही इस कॉलम का उद्देश्य है. 

एक स्कूल के प्रिंसिपल ने क्या कहा?

आदिलाबाद के एक ऐसे ही स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि कुछ पैरेंट्स ज़्यादातर पॉलिटिशियन और ब्यूरोक्रेट्स की चिट्ठी लेकर आते हैं. हमने उनसे बार-बार कहा है कि एडमिशन में हमारी कोई भूमिका नहीं है, लेकिन फिर भी वे ऐसे अनुरोध लेकर आते हैं. इसलिए, ये सुनिश्चित करने के लिए कि प्रिंसिपल और दूसरे अधिकारी परेशान न हों, ये व्यवस्था शुरू की गई है. अब हम उनसे ऑनलाइन दस्तावेज़ अपलोड करने के लिए कह रहे हैं. प्रिंसिपल ने कहा कि लेकिन इन रिकमेंडेशन पर तभी विचार किया जाएगा, जब किसी मेरिट सूची में कोई छात्र न हो.

रेसिडेंशियल स्कूलों में आखिर एडमिशन का नियम क्या है?

प्रोसेस के अनुसार, तेलंगाना सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी (TGSWREIS), तेलंगाना ट्राइबल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी (TGTWREIS) और तेलंगाना रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी (TREI) के तहत किसी भी स्कूल में एडमिशन के इच्छुक आवेदकों को तेलंगाना गुरुकुल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (TG-CET) देना होगा. अंकों के आधार पर उन्हें सीटें आवंटित की जाती हैं.