क्या विजय को सता रहा फ्लोर टेस्ट में बहुमत खोने का डर, स्टालिन से मुलाकात के क्या हैं मायने?
तमिलनाडु का सीएम बनने के बाद पहली बार विजय ने पूर्व सीएम स्टालिन ने उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की. फ्लोर टेस्ट से पहले दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात को कई मायनों में अहम माना जा रहा है.
नई दिल्ली: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन से मुलाकात की. उनके साथ स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन भी थे. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में TVK को मिली जबरदस्त जीत और राज्य में सरकार गठन के बाद मुख्यमंत्री विजय की स्टालिन से पहली मुलाकात हुई. कल विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.
सीएम विजय, स्टालिन से मिलने चेन्नई स्थित उनके आवास पर पहुंचे, जहां स्टालिन व उनके बेटे ने विजय का स्वागत किया. मुलाकात के क्रम में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और गर्मजोशी से गले मिले. तस्वीरों में काले रंग का सूट पहने हुए सीएम विजय, DMK प्रमुख का हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिखे. स्टालिन ने भी उसी तरह जवाब दिया, जिसके बाद दोनों ने हाथ मिलाया और अलवरपेट स्थित आवास में प्रवेश करने से पहले एक-दूसरे को गले लगाया.
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखी गर्मजोशी
दोनों के बीच इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है. पूर्व सीएम के आवास पर पहुंचने के बाद सीएम विजय का पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन और तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने गर्मजोशी से स्वागत किया. मुलाकात के दौरान, विजय और स्टालिन ने आपसी सम्मान के प्रतीक के तौर पर एक-दूसरे को रेशमी शॉल और फूलों के गुलदस्ते भी भेंट किए.
DMK प्रमुख ने 'X' (ट्विटर) पर इस मुलाकात को लेकर पोस्ट कर लिखा कि उन्होंने मुलाकात के दौरान विजय को बधाई दी और नए मुख्यमंत्री को कुछ सलाह भी दी. स्टालिन ने लिखा- 'माननीय श्री विजय, जिन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला है, मुझसे राजनीतिक शिष्टाचार के साथ मिले और मेरा अभिवादन स्वीकार किया. मैंने उन्हें अपनी हार्दिक बधाई दी, साथ ही कुछ सलाह भी दी.'
दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की टाइमिंग को लेकर उठे सवाल
दोनों नेताओं के बीच इस मुलाकात को भले ही शिष्टाचार भेंट कहा जा रहा हो, लेकिन मुलाकात की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. विजय और स्टालिन के बीच ये मुलाकात तब हुई है, जब 13 मई को तमिलनाडु विधानसभा में नई सरकार का फ्लोर टेस्ट होना है और सीएम विजय को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा. गौरतलब है कि विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और वामपंथी दल, जिन्होंने विजय की TVK सरकार का समर्थन किया है, सभी ने DMK के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा था.
शपथ लेने के तुरंत बाद विजय ने DMK पर बोला था हमला
आपको बता दें कि विधानसभा में, TVK के पास 107 सीटें हैं और उसे कांग्रेस, VCK, IUML तथा वामपंथी दलों के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. शपथ लेने के तुरंत बाद, विजय ने राज्य पर कथित तौर पर 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज़ के बोझ को लेकर पिछली DMK सरकार पर तीखा हमला बोला था. मुख्यमंत्री ने सत्ता के कई केंद्रों के अस्तित्व को लेकर DMK पर परोक्ष रूप से निशाना भी साधा, और ज़ोर देकर कहा कि उनकी TVK सरकार में, सत्ता का एकमात्र केंद्र केवल वही रहेंगे.