'हिंदू बच्चों को पहनाया हिजाब, जबरन कराई इस्लामिक प्रार्थना...' स्कूल की करतूत का VIDEO VIRAL

एक सरकारी स्कूल में हिंदू बच्चों को इस्लामिक टोपी और बच्चियों को हिजाब पहनाकर प्रार्थना में शामिल किया गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

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Ashutosh Rai

उत्तर प्रदेश के संभल जिले का एक सरकारी स्कूल विवादों में घिर चुका हैं. एक सरकारी स्कूल में बच्चे-बच्चियों को हिजाब और टोपी पहनाने का आरोप है. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. स्कूल में हिंदू बच्चों को इस्लामिक टोपी और बच्चियों को हिजाब पहनाकर प्रार्थना में शामिल किया गया.

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

इस मामले की भनक तक लगी, जब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. नखासा थाना क्षेत्र के जालब सराय स्कूल में तैनात शिक्षक कई समय से विद्यालय में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा दे रहे थे. आरोप है कि इन्होंने हिंदू बच्चियों को हिजाब पहनने और सजदा करने के लिए मजबूर किया. साथ ही उनसे इस्लामिक प्रार्थना करवाई. इसके अलावा अन्य धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थी.

दो शिक्षक निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षक मोहम्मद गुल एजाज और अंजर अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. अधिकारियों के निर्देश पर दोनों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया है. जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आए कि छात्रों को टोपी और हिजाब पहनाने जैसी गतिविधियां कराई गईं. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.

प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया साजिश

निलंबित प्रधानाध्यापक अंजर अहमद ने पूरे मामले को स्कूल को बदनाम करने की साजिश बताया है. उनका कहना है कि विद्यालय की छवि खराब करने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया. उन्होंने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस दौरान वह छुट्टी पर थे. हिजाब और टोपी पहनाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया।.अंजर अहमद ने कहा कि वह प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

संभल में पहले भी सामने आए ऐसे मामले

संभल के सरकारी स्कूलों में मजहबी कट्टरता फैलाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 6 फरवरी को चंदौसी तहसील के नगला पूर्वा गांव के एक स्कूल में कुरान की आयतें लिखी हुई मिली थीं. उस समय भी विश्व हिंदू परिषद ने 'शिक्षा जेहाद' का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था, जिसके बाद हेड मास्टर और शिक्षकों पर गाज गिरी थी.