MP से उठाया, राजस्थान में पीटा और पिलाई पेशाब, फिर औरतों के कपड़े में घुमाया
MP Man Forced To Drink Urine: मध्य प्रदेश के एक शख्स का पहले अपहरण किया गया. राजस्थान में उसे जबरन पेशाब पिलाई गई. फिर उसे औरतों के कपड़े और जूतों की माला पहनाकर घुमाया भी गया.
MP Man Forced To Drink Urine: मध्य प्रदेश के एक शख्स के साथ राजस्थान में अमानवीयता की सारी हदें पार करने का मामला सामने आया है. पीड़ित को पहले मध्य प्रदेश के गुना से उठाया गया. फिर राजस्थान लेकर जाकर उसकी पिटाई की गई. इस दौरान उसे पेशाब पीने को मजबूर किया गया. फिर पीड़ित को औरतों के कपड़े पहनाए गए, मुंह काला किया गया और जूतों की माला पहनाकर परेड कराई गई.
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक व्यक्ति को विवाद के बाद उसके रिश्तेदारों समेत कुछ लोगों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया और राजस्थान ले गए, जहां उसकी पिटाई की गई, उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया गया और महिलाओं के कपड़े पहनाकर घुमाया गया. इस दौरान पीड़ित का सिर मुंडवा दिया गया, उसे पेड़ से बांध दिया गया और जूतों की माला पहना दी गई.
22 मई की है 'तालिबानी' घटना
ये 'तालिबानी' घटना 22 मई को हुई. राजस्थान में हुई घटना के बाद मध्य प्रदेश की गुना पुलिस ने भी FIR दर्ज की है, क्योंकि पीड़ित को गुना से ही उठाया गया था. गुना के एसपी संजीव सिन्हा ने कहा कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है. शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पूरी वारदात को अंजाम देने के दौरान वीडियो भी बनाया, उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया और पीड़ित से 25 लाख रुपए की मांग की.
पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि आरोपी सौदान सिंह, गुमान सिंह और ओमकार ने 10-12 अन्य लोगों के साथ मिलकर मेरा अपहरण कर लिया और मेरे साथ मारपीट की. पीड़ित ने कहा कि मेरा सिर मुंडवा दिया और मुझे पेशाब पिलाया, मुझे जूतों की माला पहनाई और मेरा चेहरा काला कर दिया. इसके बाद आरोपियों ने मुझे पूरे गांव में घुमाया. फिर मुझे एक पेड़ से बांध दिया गया. आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, नहीं तो मेरे पास सुसाइड के अलावा कोई अन्य ऑप्शन नहीं है.
पुलिस ने घटना को लेकर क्या कहा?
सीनियर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जानकारी सामने आई है कि पीड़ित को जीप में राजस्थान के झालावाड़ और पाटन ले जाया गया, जहां आरोपियों ने उसकी पिटाई की, उसे जूतों और महिलाओं के कपड़ों की माला पहनाई और उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया. एक अधिकारी ने बताया कि घटना के बारे में पुलिस को पता चलने के बाद आरोपियों ने व्यक्ति को इस शर्त पर छोड़ दिया कि वो तीन दिन के भीतर 20 लाख रुपये का भुगतान करेगा. एसपी सिंह ने बताया कि IPC की विभिन्न धाराओं के तहत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें 506 (आपराधिक धमकी), 365 (अपहरण) और 34 (एक ही इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्य) शामिल हैं.
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित की
मध्य प्रदेश की गुना पुलिस ने मामले के सात आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं. पुलिस ने बताया कि आरोपियों में पीड़ित के रिश्तेदार भी हैं. पुलिस के अनुसार, कथित घटना 22 मई को हुई जब पीड़ित महेंद्र सिंह बंजारा को गुना से कथित तौर पर अगवा कर लिया गया और राजस्थान के बारां जिले में ले जाया गया. पुलिस ने बताया कि पीड़ित को कथित तौर पर तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके पिता की ओर से 20 लाख रुपये देने के बाद ही उसे छोड़ा गया. कथित घटना का एक कथित वीडियो भी रविवार को वायरल हुआ.
गुना के SDPO विवेक अष्ठाना ने द हिंदू को बताया कि पीड़ित ने सोमवार को स्थानीय एसपी ऑफिस में संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमने एक व्यक्ति को पकड़ लिया है और कई टीमें अन्य की तलाश कर रही हैं.
आखिर क्या है पूरा मामला?
एक अन्य स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की चचेरी बहन की शादी आरोपियों में से एक से हुई थी, लेकिन कुछ महीने पहले पीड़ित की बहन ने दुर्व्यवहार के कारण अपने पति को छोड़ दिया. अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गांव की पंचायत में मामला चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. अधिकारी ने बताया कि 22 मई को कुछ लोग लड़की के परिवार से बदला लेने के लिए पीड़ित को उठा ले गए और उसके साथ वारदात को अंजाम दिया.
मामले को लेकर राजनीति तेज, कांग्रेस ने साधा निशाना
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश को अपराध का गढ़ बना दिया है. कांग्रेस ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में पूछा कि मध्य प्रदेश में एक और पेशाब की घटना... आपकी अनुभवहीनता, अपरिपक्वता, अक्षमता और असंवेदनशीलता की कीमत मध्य प्रदेश की जनता चुका रही है और आप बेशर्मी से वोट मांग रहे हैं. जब आप अपने राज्य या अपने विभाग को संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो आप इस्तीफा क्यों नहीं दे देते और नए नेतृत्व को आगे आने का मौका क्यों नहीं देते? आप कब तक झूठ बोलकर खुद को बेवकूफ बनाते रहेंगे?
इससे पहले जुलाई 2023 में एक मामला सामने आया था जिसमें एक कथित भाजपा नेता ने राज्य के सीधी जिले में एक आदिवासी युवक पर पेशाब किया था.