West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

15 साल की लड़ाई में न्याय मिलने से ठीक 5 दिन पहले शख्स की मौत, अदालत द्वारा 10 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश

पूर्व कांग्रेस नेता टी. सी. सेबास्टियन को 2010 में सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगी थी. 15 साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने सरकार और PWD को जिम्मेदार ठहराते हुए 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया लेकिन दुर्भाग्यवश, फैसला आने से 5 दिन पहले सेबास्टियन का निधन हो गया.

Social Media
Km Jaya

TC Sebastian Accident Case: केरल के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे टी. सी. सेबास्टियन को 15 साल पुरानी सड़क दुर्घटना में मुआवजा तो मिल गया, लेकिन फैसले से महज 5 दिन पहले ही उनका निधन हो गया. यह दर्दनाक संयोग सोमवार को सामने आया, जब पैयन्नूर सब कोर्ट ने 10 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया, लेकिन सेबास्टियन अब इस न्याय को देखने के लिए जीवित नहीं थे.

हादसे की पूरी कहानी

23 मई 2010 की शाम करीब 7 बजे, 67 वर्षीय सेबास्टियन NSS स्कूल, आलाकोड के पास फुटपाथ पर टहल रहे थे. तभी उनका पैर एक एक मीटर चौड़े गैप में फिसल गया, जो फुटपाथ स्लैब्स के बीच खुला था न तो कोई बैरिकेड था, न कोई चेतावनी चिन्ह. इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर स्पाइनल इंजरी हुई.

15 साल की लंबी कानूनी जंग

दुर्घटना के बाद सेबास्टियन ने सबसे पहले तालिपाराम्बा कोर्ट में केस दायर किया. वहां से 2013 में एक फैसला आया, जिसे चुनौती दी गई और मामला अंत में पैयन्नूर सब कोर्ट तक पहुंचा. अदालत ने फैसला सुनाते हुए माना कि राज्य सरकार और PWD की यह जिम्मेदारी थी कि वे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करें, जिसमें वे विफल रहे.

फैसला आया, लेकिन सेबास्टियन नहीं रहे

यह फैसला तब आया जब सेबास्टियन का निधन अमेरिका में हार्ट अटैक से हो चुका था केवल 5 दिन पहले कोर्ट में उनका पक्ष सीनियर एडवोकेट साजी जकारियस ने रखा. कोर्ट ने मृतक के परिजनों को मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया.

मानवता पर सवाल

इस मामले ने एक बार फिर भारतीय न्याय प्रणाली की धीमी रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ऐसा व्यक्ति जो न्याय के लिए 15 साल तक लड़ता रहा, उसे निर्णय सुनने का अवसर नहीं मिला. हादसे के बाद सेबास्टियन ने राजनीति से दूरी बना ली थी और स्वास्थ्य लाभ की कोशिशों में लगे रहे.