सुवेंदु के शपथ ग्रहण में अपनी सादगी से मिथुन दा ने लूट ली महफिल, इंटरनेट पर वायरल हुआ सादगीभरा अंदाज
पश्चिम बंगाल में भाजपा शासन का औपचारिक आगाज हो गया है. शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसमें पीएम मोदी और गृहमंत्री सहित कई दिग्गज मौजूद रहे. सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भाजपा शासन की औपचारिक शुरुआत के साथ ही कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इस अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया. मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि केंद्र के लिए बंगाल में सत्ता का यह परिवर्तन कितना महत्वपूर्ण है.
इस खास मौके पर बॉलीवुड के महानायक और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी पहुंचे, जिनकी उपस्थिति ने प्रशंसकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया. सोशल मीडिया पर उनके आगमन के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्हें केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और राजनाथ सिंह से गर्मजोशी से मिलते हुए देखा जा सकता है. राजनाथ सिंह से मिलने के क्रम में वो पौर छूने के लिए झुकते नजर आ रहे हैं, लेकिन राजनाथ ने उन्हें ऐसा करने से इंकार कर दिया। अब जबकि सोशल मीडिया पर ये क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है तो लोग दोनों की संस्कार की बात कह रहे हैं और जमकर तारीफ कर रहे हैं.
परिवर्तन की भविष्यवाणी और वोटिंग का रिकॉर्ड
मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में संपन्न हुए बंगाल चुनाव के दौरान ही इस बदलाव के संकेत दे दिए थे. दूसरे चरण के मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि इस बार बंगाल में 'बदलाव की बाढ़' आने वाली है. मतदान के दिन उन्होंने सुरक्षा और निष्पक्ष प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा था कि लोगों की भारी भीड़ को देखकर उन्हें यकीन है कि वोटिंग शेयर के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे. अभिनेता ने अनुमान लगाया था कि इस बार मतदान 90 फीसदी के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो सीधे तौर पर राज्य में बड़े परिवर्तन का संदेश होगा.
चुनावी मैदान से दूर, प्रचार में सक्रिय भूमिका
हालांकि मिथुन चक्रवर्ती इस बार खुद चुनावी मैदान में उम्मीदवार के रूप में नहीं उतरे, लेकिन उन्होंने पार्टी के लिए जमीन पर उतरकर धुआंधार प्रचार किया. उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे चुनावों में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन एक समर्पित सिपाही की तरह पार्टी के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे. उनके प्रचार अभियान ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया और वे राज्य के विभिन्न कोनों में भाजपा की विचारधारा को पहुंचाने में सफल रहे. शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति उनके इसी समर्पण और पार्टी के प्रति निष्ठा को प्रदर्शित करती है.
सुरक्षा और भविष्य की राजनीतिक चिंताएं
अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर मिथुन दा ने एक इंटरव्यू में अपनी चिंताओं को भी साझा किया था. उन्होंने कहा था कि अगर बंगाल की सत्ता में दोबारा पुरानी व्यवस्था लौटती है, तो उनके और अन्य हिंदुओं के लिए राज्य में सुरक्षित रहना कठिन हो जाएगा. उन्होंने यहां तक कहा था कि वैसी स्थिति में उन्हें अपने रहने के लिए कोई और जगह ढूंढनी पड़ सकती है. उनके इन बयानों ने चुनाव के दौरान काफी सुर्खियां बटोरी थीं. अब जबकि भाजपा की सरकार बन चुकी है, उनके इन दावों और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई सरकार की नीतियों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.