UGC वापस लेगा अपना कदम? नए नियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

यूजीसी के नए नियम को लेकर देश में काफी बवाल देखने को मिला. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. आज इस मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है.

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Shanu Sharma

नई दिल्ली: यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश में काफी बवाल देखने को मिला. हजारों छात्र इस नियम के खिलाफ सड़क पर उतर आए. अब इस नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर आज यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने वाली है. इसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ करेगी. 

यूजीसी में नए नियमों को लेकर अधिवक्ता विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें यह दावा किया गया है कि इस कानून में सवर्ण श्रेणी के छात्रों के साथ नाइंसाफी की गई है. इतना ही नहीं उनका यह भी दावा है कि यह बदलाव उनके मौलिक अधिकारों को उल्लंघन करती है. 

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट की याचिका

विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए इन नियमों पर रोक लगाने की मांग की है. अपने याचिका में खास तौर पर UGC रेगुलेशन 2026 के रेगुलेशन 3(c) को ना लागू करने के लिए कहा गया है. साथ ही इस याचिका में कहा गया कि इसे सभी जातियों के लिए सामान्य रूप से लागू किया जाना चाहिए. देश भर के कई छात्र संगठनों ने इस नए कानून पर आपत्ति जताई है. इस कानून के आते ही हजारों छात्र सड़क पर उतर कर न्याय की मांग करने लगे. उनका कहना है कि इस नियम के दुरुपयोग से सवर्ण समाज के छात्रों को काफी नुकसान पहुंच सकता है. जिंदल के अलावा इस मामले पर अबतक कुल 20 याचिकाएं दायर की जा चुकी है. 

क्या है छात्रों की शिकायत 

देश में बढते तनाव को देखते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि किसी भी छात्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. हालांकि छात्र संगठनों ने इस जाति के आधार पर बांटने वाला कानून बताया और इसे जल्द से जल्द खत्म करने की मांग की. हालांकि सरकार ने इस नियम के पीछे उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने का मकसद बताया. इस नियम को 2012 के पुराने नियमों के जगह पर लाए गए हैं. जिसके तहत हर सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों में इक्विटी कमेटी के गठन को अनिर्वाय किया गया है. हालांकि इसके कुछ सेक्शन काफी कठोर है, जिसे लेकर छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले की ओर सभी की नजर है, जिससे छात्रों के भविष्य फाइनल होंगे.