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तलाक ने किया बर्बाद, पति अपनी पत्नी को देगा 5 करोड़ का सेटेलमेंट अमाउंट...!

Supreme Court Divorce Settlement: सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के बाद पति को अपनी पत्नी को 5 करोड़ रुपये की एकमुश्त एलीमनी देने का आदेश दिया है. साथ ही, बेटे की आर्थिक सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए 1 करोड़ रुपये देने का भी निर्देश दिया. यह मामला प्रवीण कुमार जैन और अंजू जैन के बीच चल रहे विवाद से संबंधित है, जो पिछले 20 साल से अलग रह रहे थे.

Shilpa Shrivastava
तलाक ने किया बर्बाद, पति अपनी पत्नी को देगा 5 करोड़ का सेटेलमेंट अमाउंट...!

Supreme Court Divorce Settlement: बेंगलुरू के इंजीनियर अतुल सुभाष की सुसाइड के बाद एक नया मामला सामने आया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को तलाक के बाद परमानेंट एलीमनी के रूप में एकमुश्त 5 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है. यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना वी. वराले की बेंच ने सुनाया.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पति को अपने बेटे की आर्थिक सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए 1 करोड़ रुपये भी देने का आदेश दिया है. यह मामला प्रवीण कुमार जैन और उनकी पत्नी अंजू जैन के बीच चल रहे विवाद से संबंधित है. ये दोनों पिछले 20 साल से अलग-अलग रह रहे थे और उनकी शादी में कई तनाव थे. प्रवीण ने अंजू पर उसके परिवार की परवाह न करने का आरोप लगाया, जबकि अंजू ने प्रवीण पर बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाया.

शर्तों के साथ तलाक को मंजूरी: 

अदालत ने यह देखा कि पति-पत्नी के रिश्ते पूरी तरह से खराब हो चुके थे, इसलिए उसने कुछ शर्तों के साथ तलाक को मंजूरी दी. बेंच ने तलाक और एलीमनी के मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आठ मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखा:

  • पति-पत्नी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति

  • पत्नी और बच्चों की भविष्य की जरूरतें

  • दोनों पक्षों की काम करने की क्षमता

  • दोनों की कमाई और संपत्ति

  • पत्नी का ससुराल में रहते हुए जीवन स्तर

  • क्या पत्नी ने परिवार की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ी थी

  • पत्नी के लिए कानूनी खर्च

  • पति की आर्थिक स्थिति और उसकी जिम्मेदारियां

इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह अपनी पत्नी को तलाक के बाद 5 करोड़ रुपये की एकमुश्त एलीमनी और बेटे के भरण-पोषण के लिए 1 करोड़ रुपये दे. यह फैसला तलाक और एलीमनी के मामलों में महिलाओं के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.