Art of Living को बड़ी राहत, SC ने 5 करोड़ रुपए जुर्माना लौटाने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आर्ट ऑफ लिविंग को बड़ी राहत देते हुए 5 करोड़ का जुर्माना लौटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि फाउंडेशन के कार्यक्रम से यमुना बाढ़ क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले.

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Sagar Bhardwaj

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन पर लगाए गए 5 करोड़ रुपए के जुर्माने की राशि वापस करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने 2017 के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश को भी रद्द कर दिया.

 यमुना के बाढ़ क्षेत्र को नुकसान का था आरोप

यह मामला आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े संगठन व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया की अपील पर सामने आया था. संस्था की स्थापना आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने की है. NGT ने दिसंबर 2017 में संस्था को यमुना के बाढ़ क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार ठहराया था. मामला ‘वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल’ के आयोजन से जुड़ा था.

SC ने कहा- सीधे नुकसान का सबूत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला, जिससे वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल को यमुना के पारिस्थितिकी तंत्र को हुए नुकसान से सीधे जोड़ा जा सके.


5 करोड़ जमा करने का दिया गया था निर्देश

NGT ने जुर्माना जमा करने की शर्त पर कार्यक्रम की अनुमति दी थी. आयोजन के पहले दिन संस्था ने 5 करोड़ जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा. इसके बाद उसे 25 लाख तत्काल जमा करने और बाकी रकम तीन सप्ताह में देने की अनुमति मिली. बाद में संस्था ने 4.75 करोड़ को जैव विविधता पार्क विकसित करने के लिए बैंक गारंटी के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध किया. पूरी राशि जमा होने के बाद संस्था ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.