'आजादी के बाद नहीं हुआ ऐसा ऑपरेशन', राज्यसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर खड़गे के सवाल पर बोले जेपी नड्डा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, "खड़गे जी ने ऑपरेशन के विस्तृत विवरण पर चर्चा शुरू की, जो नियम के विरुद्ध है. हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे.

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Garima Singh

Parliament Monsoon Session: राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज सदन में जोरदार तरीके से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब देश पर आतंकवादी हमले हुए, तब पूरा विपक्ष एकजुट होकर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा. खड़गे ने जोर देकर कहा, "उस समय कांग्रेस ने बिना किसी शर्त के सरकार का समर्थन किया था, ताकि देश एकता के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ सके." उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई आतंकवादी अभी भी फरार हैं.

इस पर बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, "खड़गे जी ने ऑपरेशन के विस्तृत विवरण पर चर्चा शुरू की, जो नियम के विरुद्ध है. हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे. आजादी के बाद ऑपरेशन सिंदूर जैसा ऑपरेशन कभी नहीं हुआ." नड्डा ने यह भी कहा, "यह क्या है? कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा और हम जो कहेंगे, वही रिकॉर्ड में जाएगा." उन्होंने खड़गे को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन नियम 267 के तहत चर्चा शुरू करने पर आपत्ति जताई. नड्डा ने स्पष्ट किया, "ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम पर चर्चा नियम 267 का उल्लंघन है. इसे नियम 167 के तहत किया जाना चाहिए."

सरकार की चर्चा से परहेज नहीं

नड्डा ने यह भी कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही. उन्होंने जोर देकर कहा, "बाहर यह गलत संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं चाहती. हम चर्चा करेंगे. कृपया इसे स्पष्ट करें." इस बीच, राज्यसभा के सभापति ने पूर्ण चर्चा का आश्वासन देते हुए कहा, "मैं पूर्ण चर्चा सुनिश्चित करूंगा, मैंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है." इसके बाद सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया.

खड़गे का ट्रंप के बयान पर हमला

खड़गे ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर भी कड़ा ऐतराज जताया. खड़गे ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ने 24 बार कहा है कि उन्होंने भारत में युद्ध रुकवाने में मध्यस्थता की. यह बात हमारे देश के लिए अपमानजनक है."