menu-icon
India Daily

'बंद करो INDIA ब्लॉक...' अखिलेश-ममता-तेजस्वी के बाद CM उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को दिखाई आंखें

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत ब्लॉक की कोई बैठक नहीं हुई है. गठबंधन कैसे आगे बढ़ेगा? इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई है. इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि हम एकजुट रहेंगे या नहीं.

Gyanendra Sharma
'बंद करो INDIA ब्लॉक...' अखिलेश-ममता-तेजस्वी के बाद CM उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को दिखाई आंखें
Courtesy: Social Media

दिल्ली चुनाव से पहले आप और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्ष एकजुट नहीं है, इसलिए इंडिया ब्लॉक को भंग कर देना चाहिए. आप और कांग्रेस दोनों ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों पार्टियां दिल्ली चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं और इस दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली है.

उमर अब्दुल्ला, जिनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन का हिस्सा है ने 2024 के चुनावों के बाद ब्लॉक के भविष्य पर स्पष्टता की कमी पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की कोई बैठक नहीं हो रही है. इसका लीडर कौन होगा? एजेंडा क्या होगा? अलायंस कैसे आगे बढ़ेगा? 

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत ब्लॉक की कोई बैठक नहीं हुई है. गठबंधन कैसे आगे बढ़ेगा? इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई है. इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि हम एकजुट रहेंगे या नहीं. अब्दुल्ला ने गठबंधन के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दिल्ली चुनाव के बाद बैठक बुलाने का भी आह्वान किया है. 

तेजस्वी यादव ने भी दिया बयान

उन्होंने कहा, गठबंधन की बैठक दिल्ली चुनाव के बाद होनी चाहिए और उसमें स्पष्टता होनी चाहिए. अगर यह सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था, तो गठबंधन खत्म कर देना चाहिए. लेकिन, अगर इसे विधानसभा चुनाव के लिए भी जारी रखना है, तो हमें मिलकर काम करना चाहिए. अब्दुल्ला की यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडिया ब्लॉक अपना महत्व खो चुका है और इसका गठन विशेष रूप से लोकसभा चुनावों के लिए किया गया था. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का गठन सिर्फ लोकसभा चुनाव और भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए हुआ था. अब इसका कोई महत्व नहीं है. कांग्रेस और आप के बीच तकरार अप्रत्याशित नहीं है.