नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज प्रदर्शन करने जा रही है. इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है. इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर चर्चा हो रही है. अब वांगचुक ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने दिल्ली न आने की वजह बताई है.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने साफ किया है कि वो इस बार प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने बताया कि वो सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं. इससे पहले हुए सीजेपी के प्रदर्शन में सोनम वांगचुक की भूमिका बेहद ही अहम रही है. हालांकि, इस बार उन्होंने जंतर-मंतर के कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है.
वांगचुक के मुताबिक, वह हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों से पहले जरूरी तैयारियों पर काम कर रहे हैं. वो आर्टिफिशियल ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियर की झीलों से अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को समझने पर काम कर रहे हैं और इस पर एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं.
WHY I WON'T BE ABLE TO JOIN YOU ALL IN DELHI...! Despite all efforts of the government to hinder & damage our work we continue to work for national security... making preparations as another winter comes. This includes making artificial glaciers for water security & experiments for GLOF or glacial lake flood security... to difuse the 200+ ticking water bombs in high Himalayas. Adapting Faiz Sahab's words I would say... Aur Bhi Gham Hain Zamaane Main Siyaast Ke Siva... Rahaten aur bhi hain wasl ki raahat ke siva. Hence I send my bestest wishes to all & urge the leaders of different groups to stay united & show statesmanship, meanwhile I urge all the genZ friends to once again stay absolutely peaceful at all costs. This was the gift of Baapu that I tried to bring to Jantar Mantar in June, I hope we won't let Baapu down. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 9, 2026
ग्लेशियर की झीलों से जो अचानक बाढ़ आ ने का खतरा होता है उसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है. इस तरह की घटनाएं पहाड़ी इलाकों में जान-माल और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं. वांगचुक का कहना है कि इन खतरों को कम करने के लिए काम करना जरूरी है.
वांगचुक ने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की कुछ पंक्तियां भी कहीं. उन्होंने कहा- और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा…राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा. इसके अलावा उन्होंने प्रदर्शन के आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुटता और समझदारी बनाए रखने की अपील की.
सोनम वांगचुक ने युवाओं से अपील करते हुए शांति बनाए रखने को कहा. उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होने चाहिए. वांगचुक ने उम्मीद जताई कि प्रदर्शन में शामिल लोग गांधीजी की विरासत का सम्मान करेंगे और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहेंगे.