कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया. उनका उद्देश्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना था. विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और मसौदा सूची से बाहर किए गए 13 करोड़ मतदाताओं को दोबारा शामिल करने की मांग भी रखी.
मार्च से पहले संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA गठबंधन के करीब 150 सांसदों ने बैठक की. इसमें 16 अलग-अलग दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के प्रदर्शनों ने सरकार की नींव हिला दी है.
#WATCH | Delhi: INDIA bloc MPs begin their march from Parliament to Rashtrapati Bhavan. Opposition MPs are on their way to meet President Droupadi Murmu to raise their concerns regarding the functioning of the Election Commission of India. https://t.co/QdGa0lKJb5
— ANI (@ANI) October 9, 2026
राष्ट्रपति से मिलने के लिए विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आगे बढ़ा, जबकि अन्य नेताओं ने कर्तव्य पथ पर धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने 'Gyanesh, it's done bro!' लिखे पोस्टर उठाए और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर नारे लगाए. राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि विपक्ष की मांग बेईमानी की पूरी व्यवस्था को खत्म करने की है और ज्ञानेश कुमार इसके बचाव में खड़े हैं.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सड़कों पर उतरे लोगों की सराहना की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रयास करने वाले देशभक्तों को वह सलाम करते हैं.
इसी बीच, युवा आंदोलनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया. यह संगठन जुलाई में पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा में आया था. प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की और शुक्रवार रात 10 बजे से जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेन सेवाएं रद्द होने का हवाला देते हुए सरकार पर डर के कारण कदम उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के कथित फैसलों और गलतियों से देश में डर का माहौल बना है और लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है. खड़गे के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात का उद्देश्य इन मुद्दों से उन्हें अवगत कराना है.