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India Daily

Mumbai Cylinder Blast: मुंबई के कांदिवली पूर्व में एलपीजी गैस सिलेंडर फटने से छह लोग घायल, मौके पर पहुंचीं दमकल गाड़ियां

Mumbai Cylinder Blast: मुंबई के कांदिवली ईस्ट में बुधवार सुबह एलपीजी सिलेंडर धमाके में छह लोग घायल हो गए. फायर ब्रिगेड ने तुरंत आग बुझाई और घायलों को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया. मार्च में धारावी में भी सिलेंडर धमाकों से बड़ा हादसा हुआ था. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Mumbai Cylinder Blast: मुंबई के कांदिवली पूर्व में एलपीजी गैस सिलेंडर फटने से छह लोग घायल, मौके पर पहुंचीं दमकल गाड़ियां
Courtesy: Grok AI

Mumbai Cylinder Blast: मुंबई के कांदिवली ईस्ट इलाके में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हुआ. सुबह करीब 9 बजे एक एलपीजी गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई. इस धमाके में कम से कम छह लोग घायल हो गए. हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया. घायलों को तुरंत पास के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

स्थानीय प्रशासन के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए. धमाके के बाद धुआं तेजी से फैल गया, लेकिन फायर ब्रिगेड ने तुरंत आग बुझाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया. अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर है.

गैस सिलेंडर धमाकों की घटनाएं 

इससे पहले भी मुंबई में गैस सिलेंडर धमाकों की घटनाएं हो चुकी हैं. इसी साल मार्च महीने में धारावी इलाके में एक ट्रक में दर्जनों गैस सिलेंडर रखे गए थे, जिनमें अचानक श्रृंखलाबद्ध धमाके हुए. इस दौरान रात 9 बजकर 50 मिनट पर आग लगी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर 19 फायर टेंडर भेजे गए थे, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

चार वाहन जलकर खाक

धारावी की उस घटना में चार वाहन जलकर खाक हो गए थे. धमाके के बाद वहां भारी ट्रैफिक जाम भी लग गया था, जिससे सियॉन-धारावी लिंक रोड घंटों जाम रहा. उस समय ट्रक ड्राइवर की पहचान कर उसे पकड़ने का काम किया गया था. कांदिवली हादसे के बाद भी इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस ने क्षेत्र में बैरिकेडिंग की और भीड़ को हटाकर राहत कार्य में सहयोग किया. प्रशासन ने फिलहाल जांच शुरू कर दी है. पुलिस और फायर ब्रिगेड यह पता लगाने में जुटी है कि सिलेंडर फटने की असली वजह क्या थी. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गैस एजेंसियों को नियमित सुरक्षा जांच करने और सिलेंडरों की क्वालिटी पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए.