IPL 2026

पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी, पाकिस्तान-बांग्लादेश से आई कॉल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार को जान से मारने की धमकी मिली हैं. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.

X
Ashutosh Rai

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार विक्रम साहू एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. इस बार वजह उनकी लोकप्रियता नहीं बल्कि लगातार मिल रही धमकियां है.। विक्रम का दावा है कि उन्हें वीडियो कॉल और फोन कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी दी जा रही है. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए जांच शुरू कर दी है.

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बदली जिंदगी

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम पहुंचे थे. रैली खत्म होने के बाद उन्होंने सड़क किनारे स्थित विक्रम साहू की दुकान से 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदी थी. उस दौरान पीएम मोदी और विक्रम के बीच हुई बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी. अचानक मिली इस पहचान ने विक्रम साहू को इलाके में चर्चित चेहरा बना दिया. विक्रम का कहना है कि पीएम मोदी के दौरे के कुछ दिनों बाद से ही अज्ञात नंबरों से लगातार धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए.

पाकिस्तान-बांग्लादेश से आए कॉल

विक्रम साहू ने दावा किया कि उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय नंबरों से वीडियो कॉल किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि कॉल करने वाले पहले धार्मिक अभिवादन करते हैं. फिर उन्हें धमकियां देने लगते हैं. कुछ वीडियो कॉल में कथित तौर पर हथियार दिखाकर डराने की कोशिश भी की गई. विक्रम के मुताबिक, कई बार कॉल रिसीव नहीं करने के बावजूद फोन लगातार आते रहे. व्हाट्सएप पर भी धमकी भरे संदेश भेजे गए, जिनमें बम धमाके में उड़ाने जैसी बातें लिखी थी.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने तुरंत विक्रम साहू को सुरक्षा मुहैया कराई. अब एक पुलिसकर्मी को उनकी निगरानी के लिए तैनात किया गया है. पुलिस अब उन नंबरों की जांच कर रही है, जिनसे कॉल और मैसेज किए गए. साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकियों के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या है.

विक्रम साहू ने सरकार से मांगी सुरक्षा

विक्रम साहू ने सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक विवाद से कोई संबंध नहीं है. वह सिर्फ अपनी दुकान चलाने वाले एक साधारण व्यापारी हैं. विक्रम ने कहा कि प्रधानमंत्री के उनकी दुकान पर आने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई.