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'ट्रेनिंग में हैं...,' BMC चुनाव में जीते पार्षदों को होटल में बंधक बनाने के आरोपों पर शिवसेना शिंदे गुट का दावा

मुंबई मेयर चुनाव से पहले शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में रखने पर विवाद छिड़ गया है. विपक्ष ने बंधक बनाने का आरोप लगाया, जबकि पार्टी ने इसे प्रशिक्षण कार्यशाला बताया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'ट्रेनिंग में हैं...,' BMC चुनाव में जीते पार्षदों को होटल में बंधक बनाने के आरोपों पर शिवसेना शिंदे गुट का दावा
Courtesy: social media

मुंबई में मेयर चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है. इसी बीच एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा नवनिर्वाचित पार्षदों को एक होटल में ठहराए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया. उद्धव ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि पार्षदों को 'बंधक' बनाया गया है. इन आरोपों पर शिवसेना ने सफाई देते हुए कहा कि यह कदम राजनीतिक मजबूरी नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रशिक्षण का हिस्सा है.

होटल में ठहराने पर उठा सवाल

मेयर चुनाव से ठीक पहले शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों को एक आलीशान होटल में स्थानांतरित किया गया. विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों को दबाव में रखने की कोशिश की जा रही है. उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, इसलिए पार्षदों को बाहर जाने से रोका गया है.

शिवसेना प्रवक्ता की सफाई

इन आरोपों पर शिवसेना प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्षदों को बंधक नहीं बनाया गया है. उन्होंने बताया कि पार्टी ने स्वयं पार्षदों को होटल में बुलाया है. इसका उद्देश्य उन्हें डराना या नियंत्रित करना नहीं, बल्कि नगर निगम के कामकाज की बुनियादी जानकारी देना है.

वर्कशॉप का उद्देश्य क्या है

शीतल म्हात्रे के अनुसार, होटल में दो दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की गई है. इसमें पार्षदों को बताया जा रहा है कि नगर निगम कैसे काम करता है, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के नियम-कानून क्या हैं और बैठकों की प्रक्रिया कैसी होती है. इसके अलावा, पार्षदों को यह भी सिखाया जा रहा है कि वे जनहित के मुद्दों को सदन में कैसे उठाएं.

शिंदे करेंगे पार्षदों से मुलाकात

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे स्वयं पार्षदों से मुलाकात करेंगे. उनका उद्देश्य नए प्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है. पार्टी का दावा है कि यह पहल पार्षदों को सशक्त बनाने के लिए की गई है, न कि राजनीतिक दबाव के लिए.

मेयर चुनाव और सियासी बयानबाजी

बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना को स्पष्ट बहुमत मिला है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. उद्धव ठाकरे ने बयान दिया कि अगर 'देवा' की इच्छा हुई तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया.