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शिंदे या ठाकरे किसके हक में फैसला! महाराष्ट्र में विधायकों की अयोग्यता मामले में स्पीकर राहुल नार्वेकर सुनाएंगे फैसला

 महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट और शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता को लेकर स्पीकर राहुल नार्वेकर आज अपना फैसला सुनाएंगे. 

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Avinash Kumar Singh
Shinde or Thackeray

हाइलाइट्स

  • विधायकों की अयोग्यता मामले में स्पीकर राहुल नार्वेकर सुनाएंगे फैसला
  • पहले 31 दिसंबर तक देना था फैसला, फिर मिला 10 दिनों का विस्तार

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट और शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता को लेकर स्पीकर राहुल नार्वेकर आज अपना फैसला सुनाएंगे. 15 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे सहित विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला सुनाने के लिए स्पीकर का समय 10 जनवरी तक बढ़ा दिया था. दरअसल मई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर राहुल नार्वेकर को असली शिवसेना पर अपना फैसला सुनाने का निर्देश देते हुए उन्हें अयोग्यता याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक अपना फैसला देने को कहा था.  31 दिसंबर को समय सीमा पूरा होने से पहले 15 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी तक समय बढ़ा दिया था. ऐसे में आज स्वीकर राहुल नार्वेकर विधायकों की अयोग्यता मामले में अपना बड़ा फैसला सुनाने वाले है. 

उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की अर्जी

शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में फैसले से पहले महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई बैठक पर आपत्ति जताते हुए शिवसेना के उद्धव ठाकरे समूह ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की है. उद्धव गुट का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि ये फैसला शिंदे गुट के पक्ष में ही जाएगा, जिसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. ठाकरे खेमे के सुनील प्रभु की ओर से दायर आवेदन में कहा गया है कि शिंदे के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने से सिर्फ तीन दिन पहले स्पीकर का एकनाथ शिंदे से मिलना बेहद अनुचित है. इसमें सात जनवरी को स्पीकर नार्वेकर की शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात पर आपत्ति जताई गई है.अपने आवेदन में ठाकरे गुट ने कहा कि दसवीं अनुसूची के तहत निर्णायक प्राधिकारी के रूप में अध्यक्ष को निष्पक्ष और निष्पक्ष रूप से कार्य करना आवश्यक है.इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष का आचरण विश्वास को प्रेरित करने वाला होना चाहिए और अपने उच्च पद पर जताए गए संवैधानिक विश्वास को उचित ठहराना चाहिए.

54 विधायकों की अयोग्यता मामले में होना है बड़ा फैसला

दरअसल बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना विधायकों के अयोग्यता मामले पर सुनवाई टालने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर को कड़ी फटकार लगाते हुए अगले चुनाव से पहले फैसला करने को कहा था. पिछले साल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना विधायकों के एक समूह के साथ शिवसेना से नाता तोड़ लिया था. शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिराकर बीजेपी से हाथ मिलाते हुए नई सरकार का गठन किया था. असली शिवसेना पर दावें को लेकर चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम 'शिवसेना' और पार्टी का चुनाव चिन्ह धनुष और तीर एकनाथ शिंदे गुट को तो उद्धव गुट की उद्धव बालासाहेब ठाकरे शिवसेना पार्टी का नाम और मशाल को चुनाव चिन्ह के रूप में मान्यता दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिवसेना के सभी 54 विधायकों की अयोग्यता के मामले में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को बड़ा फैसला लेना है.

जानें मामले की सुनवाई के दौरान SC ने क्या कहा? 

अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में दायर याचिका को पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेजा. 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा था कि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को अयोग्य नहीं ठहरा सकती और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल नहीं कर सकती क्योंकि उन्होंने विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करने के बजाय इस्तीफा देना चुना था.