menu-icon
India Daily

'शक्ति की सप्त धारा' PM मोदी ने लाल किले से बताया विकसित भारत का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से विकसित भारत के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का खाका सामने रखा. उन्होंने विनिर्माण, कृषि, तकनीक, रक्षा और सॉफ्ट पावर को गति देने पर जोर दिया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'शक्ति की सप्त धारा' PM मोदी ने लाल किले से बताया विकसित भारत का रोडमैप
Courtesy: Social Media

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने विकास की नई दिशा रखी. उन्होंने कहा कि भारत को अब धीमी गति से आगे बढ़ने के बजाय बड़े बदलावों पर तेजी से काम करना होगा. प्रधानमंत्री ने युवाओं से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. उन्होंने अगले कुछ सालों में उन लक्ष्यों को पूरा करने की बात कही, जिन्हें देश दशकों से हासिल करने की कोशिश करता रहा है.

‘शक्ति की सप्त धारा’ में विकास के सात आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही. उनका फोकस उत्पादन से लेकर तकनीक, कृषि, रक्षा और भारत की सांस्कृतिक पहचान तक फैला है.

  • मैन्युफैक्चरिंग: भारत को लागत, गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के मामले में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की जरूरत है.
  • कृषि और खाद्य प्रसंस्करण: भारतीय कृषि उत्पादों को दुनिया के बाजार में मजबूत पहचान दिलाने पर जोर दिया गया.
  • तकनीक और नवाचार: डिजिटल और संचार तकनीक के साथ नए प्रयोगों को विकास का आधार बनाने की बात कही गई.

कनेक्टिविटी से रक्षा तक बढ़ेगी ताकत

  • गति-शक्ति: देश में तेज और निर्बाध संपर्क व्यवस्था तैयार करने को प्राथमिकता दी गई, ताकि विकास की रफ्तार और बढ़ सके.
  • रक्षा शक्ति: ड्रोन और सुपरसोनिक तकनीक जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य सामने रखा गया.
  • हरित और नीली अर्थव्यवस्था: प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पर्यावरण और समुद्री अर्थव्यवस्था से जुड़े अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया गया.
  • सॉफ्ट पावर: योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य, रचनात्मक क्षेत्र और पर्यटन को भारत की वैश्विक पहचान मजबूत करने का माध्यम बनाने की बात कही गई. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में देश की क्षमता को दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत है.

दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत जगह का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का भरोसेमंद केंद्र बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कपड़ा, मशीनरी और दवा समेत अलग-अलग क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी. लुधियाना से तिरुपुर तक कपड़ा उद्योग को नई ऊंचाई देने की जरूरत बताई गई. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए समाज, किसान और उद्योगों को अपनी पुरानी कार्यप्रणाली में जरूरी बदलाव लाने होंगे.