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पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से झटका, असम CM की पत्नी द्वारा दर्ज मामले में नहीं मिली जमानत

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की जमानत याचिका आज यानी शुक्रवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है. यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की शिकायत पर दर्ज किया गया था.

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Edited By: Shanu Sharma
पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से झटका, असम CM की पत्नी द्वारा दर्ज मामले में नहीं मिली जमानत
Courtesy: ANI

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की जमानत याचिका आज यानी शुक्रवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है. यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था. राज्य के उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी.

पवन खेड़ा के खिलाफ यह आदेश जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया ने मंगलवार को दोनों पक्षों की तरफ से सभी दलीलों को सुनने के बाद सुरक्षित रख लिया था. जिसे आज सुनाया गया है. हाई कोर्ट का यह फैसला कांग्रेस नेता की ट्रांजिट जमानत सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आया है.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को किया रिजेक्ट

सुप्रीम कोर्ट की ओर से पवन खेड़ा को असम की अदालत में जाने के लिए कहा गया था. उच्चतम न्यायालय की ओर से यह साफ गया था कि न तो वह और न ही तेलंगाना हाई कोर्ट असम की अदालत के काम में कोई दखल देगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर जमकर हमला बोला था. बीजेपी की ओर से कहा गया कि इस फैसले से सरमा और उनकी पत्नी के खिलाफ खेड़ा का बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित अभियान बेनकाब हो गया है. वहीं रिनिकी भुइयां ने खेड़ा के इस बयान को अपमान बताया.

बीजेपी ने खेड़ा के बयान पर जताया विरोध

पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर विवादित दावा किया था. उन्होंने कहा था कि सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट हैं और वह कई देशों में कारोबार करती हैं. उनके इस बयान पर बीजेपी ने विरोध जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी. इसके बाद 6 अप्रैल को असम पुलिस ने सरमा की शिकायत पर उनके खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया. खेड़ा ने खुद को हैदराबाद का बताते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने इस मामले को राजनीतिक बदले की भावना बताई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से खेड़ा को असम अदालत में जाने को कहा गया. जिसके बाद असम हाई कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत को खारिज कर दिया है.