मुंबई: शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी बिकवाली हुई, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हो गई. बढ़ते कच्चे तेल के दाम, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और आईटी सेक्टर की कमजोरी मुख्य वजह बनी. भू-राजनीतिक तनाव के बीच बाजार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं. सुबह 9:45 बजे सेंसेक्स 730 अंक यानी 0.94 प्रतिशत गिरकर 76,934 पर और निफ्टी 196 अंक यानी 0.81 प्रतिशत टूटकर 23,977 पर पहुंच गया.
सुबह के सत्र में बाजार ने पिछले दो दिनों की गिरावट को और बढ़ा दिया. निवेशक सतर्क बने हुए हैं क्योंकि विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आईटी शेयरों में कमजोरी ने बाजार की धारणा को और खराब कर दिया है.
ब्रेंट क्रूड की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है. मध्य पूर्व में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान की आशंका से तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा को प्रभावित कर रही है.
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार चौथे सत्र में बिकवाली कर रहे हैं. गुरुवार को उन्होंने 3,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की इक्विटी बेची. विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी बिकवाली, तेल की ऊंची कीमतें और रुपए की कमजोरी बड़े शेयरों पर दबाव डाल रही है. आईटी सेक्टर में बड़ी कंपनियों के कमजोर गाइडेंस के कारण शेयरों में गिरावट आई है. इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा टूटे. निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया.
ज्यादातर सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. आईटी, मीडिया, मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही, जहां 2,144 शेयर गिरे जबकि 1,082 शेयर बढ़े.