34357 रन से 1347 विकेट तक... 4 दिग्गजों के नाम ऐसे रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना आज भी बना हुआ है बड़ा सपना
इंटरनेशनल क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिन्हें हासिल करना ही नहीं बल्कि लंबे समय तक बचाए रखना भी बड़ी चुनौती है. सचिन, मुरलीधरन, स्मृति और दीप्ति ऐसे ही रिकॉर्डधारी हैं.
क्रिकेट के मैदान पर हर खिलाड़ी का सपना बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का होता है, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं जो सालों तक मिसाल बनी रहती हैं. इतना ही नहीं बल्कि ये रिकॉर्ड्स पीढ़ी दर पीढ़ी खिलाड़ियों को लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित भी करते हैं. लेकिन जितना जितना मुश्किल इन रिकॉर्ड्स को बनाना होता है उतना ही मुश्किल होता है इन्हें सालों साल कायम रखना. ऐसे कई रकॉर्डधारी हैं जिन्होंने न केवल रिकॉर्ड्स बनाए हैं बल्कि आज तक उनका रिकॉर्ड कोई तोड़ नहीं पाया है.
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जबकि विकेटों के मामले में मुथैया मुरलीधरन सबसे आगे हैं. महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना ने सबसे ज्यादा रन बनाने का मुकाम हासिल किया है. वहीं दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में नया शिखर छुआ है.
सचिन और मुरलीधरन का दबदबा
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 34357 रन बनाए. टेस्ट और वनडे में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंचाया. वहीं दूसरी ओर, श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1347 विकेट लिए. उनकी घुमावदार गेंदों और अलग-अलग तरह की स्पिन ने लंबे समय तक बल्लेबाजों को परेशान किया.
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स्मृति ने मिताली को छोड़ा पीछे
अब अगर महिला क्रिकेट की बात करें तो महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अब भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना के नाम है. उनके खाते में 10880 रन दर्ज हैं. मंधाना ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतर प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की. इस दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ा. मिताली के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 10868 रन रहे. इस तरह स्मृति ने महिला क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजी रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया.
दीप्ति ने झूलन का रिकॉर्ड तोड़ा
भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 365 विकेट लेकर महिला क्रिकेट की सबसे सफल गेंदबाजों में जगह बनाई है. उन्होंने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिनके नाम 355 विकेट थे. दीप्ति गेंद के साथ बल्ले से भी टीम को योगदान देती हैं. इन चार बड़े रिकॉर्ड में तीन उपलब्धियां भारतीय खिलाड़ियों के नाम होना भारतीय क्रिकेट के लिए खास उपलब्धि है.