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Sandeshkhali Row: 'ममता क्रूर महिला, उन्हें 'दीदी' कहना बंद करें, अब वे 'मौसी' बन गई हैं', बंगाल CM पर सुवेंदु अधिकारी का हमला

Sandeshkhali Row: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है. भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी शनिवार को बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजुमदार के साथ जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहुंचे थे, जहां उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला.

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India Daily Live

Sandeshkhali Row: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने संदेशखाली हिंसा को लेकर ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है. सुवेंदु अधिकारी शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को 'दीदी' कहना बंद करें, वह अब 'मौसी' बन गई हैं. सुवेंदु ने कहा कि मैंने उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में हराया था, जिसके बाद उन्होंने मेरे खिलाफ 42 मामले दर्ज कराए हैं, वो एक क्रूर महिला है.

सुवेंदु अधिकारी ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर एक पैनल डिसक्शन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. सुकांत ने यूनिवर्सिटी कैंपस के शिप्रा हॉस्टल के हॉल में संदेशखाली के बारे में बात की. इस दौरान उनके साथ पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी थे. दोनों नेताओं ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के सामने बंगाल में संदेशखाली की घटना को लेकर अपनी बातें रखी. बाम-दुर्गा के नाम से मशहूर यूनिवर्सिटी के शिप्रा हॉस्टल के हॉल में छात्रों की एक सभा हुई.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयोजित किया था सम्मेलन

भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने किया था. सुकांत ने छात्रों के सामने संदेशखाली में पहले दिन से अब तक जो कुछ हुआ, वह सब बताया. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को वहां किस तरह बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. वामपंथी छात्र राजनीति का जिक्र करते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार भी वामपंथी पीढ़ी की तरह ही दमन कर रही है. ममता सरकार को लोगों पर कोई दया नहीं है. सुकांत और सुवेंदु ने सभी छात्रों से संदेशखाली के साथ खड़े होने का आग्रह किया.

पिछले कुछ दिनों से संदेशखाली मामले को लेकर भाजपा अभियान के तहत लोगों के बीच जा रही है. कहा जा रहा है कि मामले को लेकर भाजपा, बंगाल की राजनीति में टीएमसी पर भारी पड़ती दिख रही है.जिस तरह नंदीग्राम की धरती पर कब्जा कर तृणमूल ने बंगाल से वाममोर्चा को हटाने की जमीन मजबूत कर ली थी. कहा जा रहा है कि इसी तरह इस बार के लोकसभा चुनाव में सफलता पाने के लिए भाजपा संदेशखाली को 'आधार' बनाना चाहती है.

मामले को लेकर सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार संदेशखाली का दौरा कर चुके हैं. वहीं, बंगाल भाजपा की आईटी विंग की ओर से 'द बिग रिवील - द संदेशखली शॉकर' नाम की एक डॉक्टूमेंट्री जारी की गई है. अगले हफ्ते कोलकाता में धरने पर बैठने की भी योजना है. इसके अलावा, 6 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में संदेशखाली की 'पीड़ित' महिलाओं को लाने की योजना है. 

 

 

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