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India Daily

'जंतर-मंतर की तस्वीर पूरे भारत की कहानी नहीं', संबित पात्रा का CJP प्रदर्शन पर तंज

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को देश की वास्तविक तस्वीर मानने से इनकार कर दिया. वहीं दिल्ली पुलिस ने अब तक 2000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'जंतर-मंतर की तस्वीर पूरे भारत की कहानी नहीं', संबित पात्रा का CJP प्रदर्शन पर तंज
Courtesy: X

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर दिखाई देने वाली घटनाएं पूरे भारत की स्थिति को नहीं दर्शातीं. उनके मुताबिक, देश सुशासन के तहत शांति और प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है.

'अराजक तत्वों की कोशिश नाकाम'

पात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शनिवार को उनकी कोशिशें सफल नहीं हुईं. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को बंधक बनाने और आगजनी व हिंसा भड़काने का प्रयास किया गया. पात्रा ने कहा कि देश में लोकतंत्र की जीत हुई है, भीड़तंत्र की नहीं. ये टिप्पणियां बीजेपी नेता का राजनीतिक आकलन हैं.

धौला कुआं पर कई लोग हिरासत में

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली के धौला कुआं इलाके में सुरक्षा बलों ने कई लोगों को हिरासत में लिया. इनमें सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने वाले लोग भी शामिल थे. प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की गई और कई एजेंसियों के कर्मियों को तैनात किया गया.

बैरिकेडिंग और वाहनों की जांच

धौला कुआं में भारी बैरिकेडिंग के साथ सड़क पर स्पाइक स्ट्रिप्स भी लगाई गई थीं. महिला पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रही थीं. पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए.

पुलिस ने बताई कार्रवाई की वजह

डीसीपी कुमार अभिषेक ने बताया कि नई दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा के कारण एहतियातन जांच अभियान चलाया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. उनके अनुसार, सुरक्षा अभियान पिछली रात से जारी था और पूरे दिन चलने वाला था. पुलिस का कहना था कि इन कदमों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना था.