मिल्कीपुर उप चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा है. सपा चीफ अखिलेश यादव ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि "आप एक सीट पर गड़बड़ कर सकते हो, लेकिन उत्तर प्रदेश की 403 सीटों पर बीजेपी की चार सौ बीसी नहीं चलेगी.
सपा प्रमुख का यह बयान मिल्कीपुर उप चुनाव में पार्टी की हार के बाद आया है, जहां समाजवादी पार्टी को जनता के बीच उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला. अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी की हार को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बीजेपी को किसी भी कीमत पर सफलता नहीं मिलेगी.
"एक में आप गड़बड़ कर सकते हो लेकिन 403 में भारतीय जनता पार्टी की चार सौ बीसी नहीं चलेगी।"
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 14, 2025
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/CLkzXGkL7f
बीजेपी के खिलाफ अखिलेश का मोर्चा
सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव का यह बयान उस समय आया जब बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि बीजेपी ने सत्ता के बल पर राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की है, लेकिन वह जान लें कि समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती रहेगी और कभी भी कमजोर नहीं पड़ेगी.
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए धांधली के आरोप
हालांकि, इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है. बीजेपी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उपचुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया था.
BJP ने लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की उड़ायी धज्जियां
समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से जारी एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा, "अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा सरकार के इशारे पर लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की धज्जियां उड़ायी गयीं. "भाजपा और प्रशासन ने कई जगहों पर फ़र्ज़ी वोटिंग की और जमकर धांधली की. दर्जनों बूथों पर समाजवादी पार्टी के बूथ एजेंटों को डराया-धमकाया गया. बयान में दावा किया गया कि अकेले एक व्यक्ति ने 6 वोट डाले हैं और समाजवादी पार्टी के समर्थक वोटरों को वोट नहीं डालने दिया गया है.