गणतंत्र दिवस की तैयारी तेज, राष्ट्रपति भवन के बंद हुए दरवाजे; परेड और बीटिंग रिट्रीट के कारण सड़के सील

गणतंत्र दिवस की तैयारी अब और भी ज्यादा तेज हो गई है. जिसकी वजह से कई सड़कों को बंद कर दिया गया है और रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं. वहीं राष्ट्रपति भवन को लेकर भी जानकारी दी गई है.

ANI
Shanu Sharma

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस की तैयारी अब और भी ज्यादा तेज हो गई है. जिसकी वजह से कई सड़कों को बंद कर दिया गया है और रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं. ट्रैफिक पुलिस की ओर से यात्रियों के लिए सलाह जारी की गई है. वहीं राष्ट्रपति भवन को लेकर भी जानकारी दी गई है. 

गणतंत्र दिवस में अब महज कुछ दिनों का समय बाकी है, ऐसे में राजधानी दिल्ली में होने वाली परेड को लेकर तैयारी तेज हो गई है. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निशांत गुप्ता ने इस खास दिन पर नॉर्थ दिल्ली से साउथ दिल्ली जाने वाले यात्रियों को साइड रूट अपनाने की सलाह दी है. 

राष्ट्रपति भवन के पास खास तैयारी 

कर्तव्य पथ से लेकर राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए खास नियम लाए गए हैं. साथ ही आगंतुकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. राष्ट्रपति सचिवालय ने शनिवार को जानकारी दी कि 21 जनवरी से 29 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन के सर्किट-1 में आम लोगों को एंट्री नहीं मिलेगी. इसके माध्यम से लोग राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत और उसकी भव्य वास्तुकला को करीब से देख पाते हैं. यह फैसला गणतंत्र दिवस को होने वाली परेड और बीटिंग रिट्रीट को देखते हुए लिया गया है.

कर्तव्य पथ के आसपास ट्रैफिक पर सख्ती

गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र कर्तव्य पथ रहने वाला है. क्योंकि यहां परेड और पूरे समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आसपास की सड़कों पर भी नाकेबंदी की है. गणतंत्र दिवस के दिन सुबह 4 बजे से कई प्रमुख मार्ग आम यातायात के लिए बंद कर दिए जाएंगे. दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और परेड की सुचारू संचालन के लिए उठाया गया है. यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा करने से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें. उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि 26 जनवरी को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य देखें, ताकि असुविधा से बचा जा सके. गणतंत्र दिवस परेड का सबसे आकर्षक हिस्सा झांकियां होती हैं. इस वर्ष कर्तव्य पथ पर कम से कम 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को दर्शाएंगी.