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India Daily

वंदे मातरम से लेकर 21 तोपों की सलामी तक… लाल किले पर इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेंगे 6 बड़े बदलाव

भारत 80वां स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक अंदाज में मना रहा है. इस बार लाल किले की प्राचीर से पहली बार 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

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Edited By: Reepu Kumari
वंदे मातरम से लेकर 21 तोपों की सलामी तक… लाल किले पर इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेंगे 6 बड़े बदलाव
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: भारत शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मना रहा है. नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित मुख्य समारोह देश की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने का प्रतीक बनेगा. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को संबोधित करेंगे. इस वर्ष का समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाला है. राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पहली बार लाल किले पर इसका विशेष प्रस्तुतीकरण होगा. साथ ही युवा शक्ति, विकसित भारत 2047 और स्वदेशी तकनीक को केंद्र में रखकर समारोह को नई पहचान दी गई है.

प्रधानमंत्री का होगा औपचारिक स्वागत

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे. इसके बाद निर्धारित सैन्य सम्मान के बीच प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को सलामी दी जाएगी.

ध्वजारोहण के साथ ही भारतीय वायुसेना के दो Mi 17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे. एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज का प्रतिनिधित्व करेगा, जबकि दूसरा 'वंदे मातरम्' ध्वज के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनेगा.

समारोह में पहली बार दिखेंगे 6 बड़े बदलाव

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में छह नई परंपराएं जुड़ रही हैं. सबसे खास बात यह है कि पहली बार लाल किले पर 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन होगा, जो राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण कराएगा.

इसके अलावा स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी, कैप्टन सोनिया सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री की ध्वजारोहण में सहायता, दो Mi 17 हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा, 5,000 विशेष अतिथियों की मौजूदगी और भाषिणी ऐप के माध्यम से 22 भारतीय भाषाओं में एआई आधारित लाइव अनुवाद पहली बार देखने को मिलेगा.

राष्ट्र को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

पुष्पवर्षा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे. यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा, जिसमें विकसित भारत 2047 और युवा शक्ति की भूमिका प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है. भाषण समाप्त होने पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेट और 'माय भारत' स्वयंसेवक सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद पूरे समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ होगा.

2,500 एनसीसी कैडेट बनेंगे समारोह की शान

समारोह में सेना, नौसेना और वायुसेना के कुल 2,500 बालक एवं बालिका एनसीसी कैडेट भाग लेंगे. इनके साथ 'माय भारत' के स्वयंसेवक भी मौजूद रहेंगे, जिन्हें लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बैठाया जाएगा. ये युवा प्रतिभागी समारोह के सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति कार्यक्रमों का अहम हिस्सा होंगे. आयोजन में युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा गया है.

5,000 विशेष अतिथियों को मिला निमंत्रण

इस वर्ष देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को लाल किले समारोह में आमंत्रित किया गया है. इनमें समाज के अलग अलग वर्गों से जुड़े लोग शामिल हैं, जो इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनेंगे. इसके अलावा 1,500 से अधिक लोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में समारोह में शामिल होंगे. सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त राष्ट्रीय ध्वज गार्ड द्वारा प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सलामी भी दी जाएगी.

सुबह 6:30 बजे से होगा सीधा प्रसारण

लाल किले का पूरा स्वतंत्रता दिवस समारोह सुबह 6:30 बजे से डीडी नेशनल और विभिन्न डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित किया जाएगा. देशभर के लोग घर बैठे इस ऐतिहासिक आयोजन का सीधा प्रसारण देख सकेंगे. इस बार परंपरा, तकनीक और राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा, जहां पहली बार 'वंदे मातरम्' की गूंज लाल किले की प्राचीर से पूरे देश तक पहुंचेगी.