तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के अल्पसंख्यक छात्रों को लेकर दिए बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. हैदराबाद में गुरुवार को माइनॉरिटीज एक्सीलेंस समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र राफेल लड़ाकू विमान को खोलकर दोबारा जोड़ने की तकनीकी क्षमता रखते हैं, लेकिन किताब में पढ़ी चीजें याद रखने में कठिनाई महसूस करते हैं.
रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को ‘स्किल्ड लेबर’ बताते हुए उनकी व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता की चर्चा की. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें राफेल दिया जाए तो वे उसे खोलकर फिर से जोड़ सकते हैं. मुख्यमंत्री के इस उदाहरण का मकसद समुदाय के युवाओं की क्षमता और हुनर को रेखांकित करना था.
“Minorities children are skilled labourers. They see and learn.
— Revathi (@revathitweets) August 14, 2026
But ask them to study, they cannot. They will forget immediately.
Ask them to assemble even a Rafale they will. But cannot study so we developed ITIs for them to become skilled labourers.”
Telangana CM Revanth… pic.twitter.com/5LdBvw2dTP
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी. उन्होंने ‘शादी मुबारक’, ‘कल्याण लक्ष्मी’, ‘इंदिरम्मा इंदलु’ और ‘गृह ज्योति’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया. गृह ज्योति योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की व्यवस्था का भी उन्होंने जिक्र किया.
हैदराबाद के पुराने शहर में बिजली बिल को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी रेवंत रेड्डी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बिजली का इस्तेमाल करते हैं और बिलों का भुगतान नहीं करते. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना ऐसे परिवारों के लिए मददगार है.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार हिंदू और मुस्लिम समुदायों के साथ समान व्यवहार और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने दोनों समुदायों को अपनी ‘दो आंखें’ बताया. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष राजनीति का उल्लेख करते हुए अल्पसंख्यक युवाओं को शासन और विकास में भागीदार बनाने की बात भी कही.
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों को दिए गए 4 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक युवा शिक्षक बनकर और अन्य क्षेत्रों में योगदान देकर देश के लिए मिसाल कायम कर सकते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जिसमें अल्पसंख्यकों को ‘राष्ट्रविरोधी’ के रूप में देखा जाने लगे.
रेवंत रेड्डी के बयान पर तेलंगाना BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी के प्रदेश सचिव तुल्ला वीरेंद्र गौड़ ने आरोप लगाया कि सरकार कानून लागू करने के बजाय एक विशेष समुदाय को कथित तौर पर प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने पुराने शहर में बिजली बिलों की वसूली को लेकर भी सरकार से सवाल किए और कहा कि बकाया होने पर नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.
BJP नेता ने मुख्यमंत्री पर ‘अल्पसंख्यक तुष्टिकरण’ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए भेदभाव रहित शासन की मांग की. दूसरी ओर, रेवंत रेड्डी सरकार अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं और समान अवसरों को अपनी नीतियों का हिस्सा बता रही है. ‘राफेल’ टिप्पणी ने इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है.