'कपड़े उतारे, तुम्हारा जख्म देखने हैं,' पीड़िता से बोले जज , अब खुद नपे
Rajasthan News: राजस्थान के एक मजिस्ट्रेट पर रेप पीड़िता से कपड़े उतारने के लिए कहने का आरोप है. मामले में मजिस्ट्रेट के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. FIR के मुताबिक, पीड़िता 20 मार्च की सुबह करीब 10 बजे बयान दर्ज कराने मजिस्ट्रेट के ऑफिस गई थी. FIR 30 मार्च को दर्ज की गई थी, हालांकि FIR में जज का नाम नहीं बताया गया है.
Rajasthan News: राजस्थान की पुलिस ने एक मजिस्ट्रेट के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोप है कि मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज कराने पहुंची रेप पीड़िता से कोर्ट में अपने कपड़े उतारने को कहा था. FIR के मुताबिक, घटना 20 मार्च की है. रेप पीड़िता अपने साथ हुई वारदात के मामले में बयान दर्ज कराने मजिस्ट्रेट के ऑफिस पहुंची थी.
पीड़िता की ओर से बयान दर्ज कराए जाने के बाद वो घर के लिए निकल रही थी. इसी दौरान मजिस्ट्रेट ने उसे दोबारा बुला लिया. FIR में कहा गया है कि रेप पीड़िता को वापस बुलाए जाने के बाद मजिस्ट्रेट ने कपड़े उतारने और चोटों को दिखाने को कहा गया. FIR में पीड़िता की ओर से कहा गया कि मुझे वापस बुलाया गया और मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा गया ताकि वे वारदात के दौरान आई चोट के निशान देख सकें.
पीड़िता ने पूछा- मैं ये कैसे कर सकती हूं?
FIR में पीड़िता के हवाले से कहा गया है कि कपड़े उतारने के आदेश के बाद मैंने मजिस्ट्रेट से कहा कि मैं ऐसा करने में असहज हूं, अगर आपकी जगह कोई महिला जज होती, तो ऐसा कर पाती. इसके बाद भी मजिस्ट्रेट ने कपड़े उतारने को कहा. जब मैं तैयार नहीं हुई, तो जज ने मुझसे कहा कि मैं इस बारे में किसी को न बताऊं. पीड़िता ने कहा कि मैं पुलिस से न्याय की मांग करती हूं.
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30 मार्च को दर्ज हुई थी FIR
पीड़िता के मुातबिक, घटना 20 मार्च की थी, लेकिन पुलिस ने 30 मार्च को FIR दर्ज किया. हालांकि, पुलिस और पीड़िता की ओर से आरोपी मजिस्ट्रेट का नाम नहीं बताया गया है. उधर, मामले की जांच कर रही एससी/एसटी सेल की डिप्टी सुपरिटेंडेंट मीना मीणा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मामले की जांच चल रही है. मीना ने कहा कि हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है और 164 सीआरपीसी के तहत उसका बयान दर्ज करने के बाद, हम मजिस्ट्रेट से पूछताछ करने की अनुमति के लिए आवेदन करेंगे.