आखिरकार राहुल गांधी ने इस समय के सबसे जरूरी मुद्दे को छेड़ ही दिया. जी हां हम बात कर रहे हैं वायु प्रदूषण की, जो इस समय देश की सबसे विकराल समस्या बना हुआ है. वायु प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने इस पर संसद में तत्काल बहस की मांग की है.
उन्होंने कहा कि हर जगह मां बाप अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर डरे हुए हैं क्योंकि तमाम शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. एक्स पर किए अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, 'बच्चों का दर्द सबसे गहरी चोट की तरह मांओं के दिल में उतरता है।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहीं ऐसी ही कुछ साहसी मांओं से मिला - वे अपने ही नहीं, पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं।
जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। लेकिन इतनी भयावह राष्ट्रीय आपदा के बीच भी मोदी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है - और समय तेज़ी से हमारे हाथों से फिसल रहा है। भारत को तुरंत इस पर गंभीर चर्चा और निर्णायक कार्रवाई चाहिए - ताकि हमारे बच्चे साफ़ हवा तक के लिए संघर्ष न करें, बल्कि एक ऐसे भारत में बड़े हों जो उन्हें सेहत, सुरक्षा और उभरने का पूरा आसमान दे सके।'
बच्चों का दर्द सबसे गहरी चोट की तरह मांओं के दिल में उतरता है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 28, 2025
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहीं ऐसी ही कुछ साहसी मांओं से मिला - वे अपने ही नहीं, पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं।
जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे… pic.twitter.com/TrO7f58qPt
बच्चे हमारे सामने घुट रहे हैं, पीएम मोदी चुप हैं
हालातों को हेल्थ इमरजेंसी करार देते हुए राहुल गांधी ने लिखा, 'भारत के बच्चे हमारे सामने बेहोश हो रहे हैं और पीएम मोदी चुप हैं.' इस मामले पर सरकार की तत्परता की कमी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि सत्ता में बैठे लोगों के पास इस समस्या का कोई समाधान नहीं है, उनकी कोई जवाबदेही नहीं है.
संसद में विस्तार से हो चर्चा
राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्द पर संसद में तत्काल बहस की जरूरत है. उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए कड़े फैसले लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बहानेबाजी या ध्यान भटकाने के हल नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि साफ हवा हर एक बच्चे का मौलिक अधिकार है.
उन्होंने आगे लिखा, 'मैं जिस भी माँ से मिलता हूं, वह मुझे एक ही बात कहती है: उसका बच्चा ज़हरीली हवा में सांस लेते हुए बड़ा हो रहा है। वे थके हुए, डरे हुए और गुस्से में हैं। मोदी जी, भारत के बच्चे हमारे सामने घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार कोई तत्परता, कोई योजना, कोई जवाबदेही क्यों नहीं दिखाती? भारत को वायु प्रदूषण पर संसद में तत्काल, विस्तृत बहस और इस स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए एक सख्त, लागू करने योग्य कार्य योजना की आवश्यकता है। हमारे बच्चे स्वच्छ हवा के हकदार हैं - बहाने और ध्यान भटकाने वाले नहीं।'
Every mother I meet tells me the same thing: her child is growing up breathing toxic air. They are exhausted, scared and angry.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 28, 2025
Modi ji, India’s children are choking in front of us. How can you stay silent? Why does your government show no urgency, no plan, no accountability?… pic.twitter.com/HR87tlHQ1f