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India Daily

'समझ नहीं आता G7 वाले खुद को ग्रेट क्यों कहते हैं?' ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

18वें ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में वैश्विक विकास में ब्रिक्स का योगदान 50% से अधिक रहा है, जबकि जी-7 का केवल 18%.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'समझ नहीं आता G7 वाले खुद को ग्रेट क्यों कहते हैं?' ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
Courtesy: X

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में गहरा और संरचनात्मक बदलाव आ रहा है. 20वीं सदी के उत्तरार्ध में आर्थिक वृद्धि का नेतृत्व करने वाले पारंपरिक पश्चिमी देश अब पीछे छूट रहे हैं और उनकी जगह नई उभरती अर्थव्यवस्थाएं विकास का नया इंजन बन रही हैं. पुतिन ने कहा कि यह बदलाव वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन के पुनर्गठन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है.

 जी-7 और ब्रिक्स के आंकड़ों की तुलना

पुतिन ने जी-7 (G7) समूह पर चुटकी लेते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों में दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 40% से अधिक हिस्सा ब्रिक्स देशों द्वारा उत्पादित किया गया है, जबकि कथित 'ग्रेट 7' (G7) का योगदान मात्र 29% रहा है. इतना ही नहीं, इस अवधि के दौरान वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 50% से अधिक रही, जबकि जी-7 देशों का योगदान सिमटकर केवल 18% रह गया.

 विशाल आबादी और जीवंत घरेलू बाजार

ब्रिक्स देशों की इस तेज आर्थिक प्रगति की वजह बताते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स में दुनिया की आधी से अधिक आबादी निवास करती है. इस विशाल जनसांख्यिकी के कारण ब्रिक्स देशों के पास बेहद गतिशील, विशाल और जीवंत घरेलू बाजार मौजूद हैं, जो निरंतर आर्थिक विकास को गति देते हैं. हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार भी किया कि पश्चिमी देशों के पास अभी भी विकसित बुनियादी ढांचा, उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसी मजबूत क्षमताएं मौजूद हैं.

 पश्चिमी प्रतिबंधों और प्रतिस्पर्धा पर निशाना

पुतिन ने पश्चिमी देशों द्वारा अनुचित प्रतिस्पर्धा के तरीकों को अपनाने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि पश्चिमी प्रतिस्पर्धी अपनी खोई हुई पकड़ वापस पाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और कई बार यह प्रयास बेहद खराब रूप ले लेते हैं. रूस पर लगाए गए 30,000 से अधिक प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के बावजूद ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद व्यावसायिक संबंध अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली को अधिक लचीला और टिकाऊ बना रहे हैं.

 ईरान और ब्राजील के नेताओं का दृष्टिकोण

सत्र में मौजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और राजनीतिक दबाव के लिए आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को कठिन बना रहा है. उन्होंने ब्रिक्स से व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण का एक मजबूत नेटवर्क बनाने का आह्वान किया. वहीं, ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा ने बताया कि 1960 के दशक से अब तक वैश्विक जीडीपी में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 50% से अधिक हो चुकी है.

 व्यापार वृद्धि और भारत की महत्वपूर्ण भूमिका

सत्र के दौरान भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक निर्यात 2003 के $900 अरब से बढ़कर 2024 में $6 ट्रिलियन हो चुका है. वैश्विक निर्यात में ब्रिक्स की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी होकर 24% तक पहुंच गई है. पुतिन ने भी अपने संबोधन में भारत की उभरती टेक कंपनियों और नवाचार की सराहना की. शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित इस फोरम में डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि और गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई.