फडणवीस की फटकार के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का यू-टर्न, पोर्श कार एक्सीडेंट केस में आरोपी की जमानत रद्द

Pune Porsche Accident Update: पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस को लेकर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रुख के बाद अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने यू-टर्न ले लिया है. मामले में आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई है. अब उसे हिरासत केंद्र भेजा जाएगा.

ANI
India Daily Live

Pune Porsche Accident Update: महाराष्ट्र के पुणे के कल्याणीनगर इलाके में पोर्श एक्सीडेंट केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने यू-टर्न ले लिया है. बोर्ड ने नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी है. अब उसे हिरासत केंद्र भेजा जाएगा. पहले बोर्ड ने उससे निबंध लिखवाकर छोड़ दिया था. इसके बाद से देश में सियासत होने लगी थी और महाराष्ट्र सरकार को घेरा जा रहा था. इस बीच उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्त तेवर दिखाए थे.

रविवार को पुणे के कल्याणीनगर इलाके में घटना हुई थी. यहां 17 साल के नाबालिग ने  पोर्श कार से मोटरसाइकिल सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी. घटना में उन दोनों की मौत हो गई थी. बताया जा रहा है घटना के समय नाबालिग ने शराब पी रखी थी.

जमानत हुई रद्द

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मामले में किशोर आरोपी की जमानत रद्द कर दी है और अब उसे जुवेनाइल कस्टडी में भेजा जाएगा. मामला इसलिए गरमा गया था कि पहले बोर्ड ने आरोपी को केवल एक निबंध लिखने के लिए कहकर जमानत दे दी थी. पूरे महाराष्ट्र के साथ ही देश में इस मामले को लेकर चर्चा हो रही थी. देश के बड़े-बड़े नेताओं ने भी इस मामले में बयान दिया था.

बढ़ाई गई धाराएं

आरोपी को बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया. उसके खिलाफ अपराध की धारा भी बढ़ा दी गई. धारा 185 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने का एक नया मामला उसमें जोड़ा गया. पुणे पुलिस ने कोर्ट से अपील की थी कि नाबालिग आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की इजाजत दी जाए. हालांकि, कोर्ट ने इसपर कोई फैसला नहीं दिया. अभी जांच की जा रही है की आरोपी होश में था की नहीं.

देवेंद्र फडणवीस ने दिखाया था सख्त रुख

मामले में आरोपी की जमानत के बाद विवाद सामने आया था. इसपर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्ती दिखाई थी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से ले. दोषियों पर IPC की धारा 304 के तहत मामला दर्ज हुआ है. निर्भया कांड के बाद जुवेनाइल जस्टिस कानून में जो भी बदलाव हुए थे. इस मामले में भी हम आरोपी को माइनर नहीं एडल्ट की तरह ट्रीट करना चाहते हैं.