नई दिल्ली: भारत की परीक्षा प्रणाली इस समय इतिहास के सबसे बड़े संकट और अविश्वास के दौर से गुजर रही है. नीट पेपर लीक, सीयूईटी परीक्षा में भारी देरी और सीबीएसई के मूल्यांकन पोर्टल पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच देश के युवाओं में आक्रोश दिखने लगा है. सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित शिक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर सैकड़ों आक्रोशित छात्रों ने इकट्ठा होकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.
मंत्रालय के मुख्य द्वार पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. छात्र हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की मांग कर रहे थे. हालांकि, हालात को बिगड़ता देख मौके पर मुस्तैद भारी पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई मुख्य प्रदर्शनकारियों को जबरन गाड़ियों में भरकर हिरासत में ले लिया.
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का स्पष्ट आरोप था कि मौजूदा शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देश की संवेदनशील परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं. मीडिया से बात करते हुए एक युवा प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब तक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक युवाओं का यह जमीनी संघर्ष थमने वाला नहीं है.
#WATCH | Delhi | All India Students' Association (AISA) staged a protest over the NEET UG 2026 paper leak case. The protestors were later detained by the police. pic.twitter.com/2cxhsCZqLh
— ANI (@ANI) June 1, 2026
सड़कों पर उतरे छात्रों के भीतर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पूर्व में दी गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर भी गहरा असंतोष देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि व्यवस्था छात्रों के साथ कीड़े-मकोड़ों जैसा व्यवहार कर रही है. हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने पहले ही इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए कड़े शब्द केवल फर्जी डिग्री बेचने और लेने वाले गिरोहों के लिए थे, न कि वास्तविक छात्रों के लिए.
शिक्षा मंत्रालय के बाहर हुआ यह हंगामा ठीक उसी वक्त देखने को मिला है, जब इंटरनेट पर सक्रिय 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आगामी 6 जून को दिल्ली में एक विशाल ऑफलाइन आंदोलन का आह्वान किया है. विदेश में रह रहे दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर बताया कि वे भारत लौट रहे हैं. इस एलान के बाद से दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं.
छात्रों के इस देशव्यापी गुस्से की मुख्य वजह 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक के कारण रद्द होना है, जिसकी जांच अभी जारी है. इसके ठीक बाद सीबीएसई के ऑनलाइन मार्किंग पोर्टल में एक युवा ने बड़ी सुरक्षा खामियां उजागर की थीं, जिसने छात्रों को तनाव में डाल दिया. रही-सही कसर सीयूईटी परीक्षा के दौरान आई तकनीकी खराबी ने पूरी कर दी, जिसके चलते देशभर के केंद्रों पर परीक्षा तीन से चार घंटे की देरी से शुरू हुई.