राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरता को करेंगी सलाम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंबाला एयरबेस से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरेंगी. यह उड़ान भारतीय वायुसेना की गोल्डन ऐरो (17वीं) स्क्वाड्रन के साथ होगी, जिसने मई में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमलों में अहम भूमिका निभाई थी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरेंगी. यह उड़ान हरियाणा के अंबाला एयरबेस से होगी, जहां भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित गोल्डन ऐरो (17वीं) स्क्वाड्रन तैनात है. यही स्क्वाड्रन इस वर्ष मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक हवाई हमलों में प्रमुख भूमिका में रही थी.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सशस्त्र सेनाओं की सुप्रीम कमांडर के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू स्वयं अंबाला पहुंचेंगी और राफेल के ट्रेनर वेरिएंट (दो सीटों वाले विमान) में उड़ान भरेंगी. यह उनका दूसरा मौका होगा जब वह किसी फाइटर जेट में उड़ान भरेंगी. इससे पहले 2023 में उन्होंने असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी थी.

ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की ऐतिहासिक भूमिका

6-7 मई की रात को हुए इस गुप्त अभियान में भारतीय वायुसेना के राफेल फाइटर जेट ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर पर सटीक बमबारी की थी. हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी, जिनमें जैश सरगना मसूद अजहर के परिजन भी शामिल थे. 

भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बड़ा झटका लगा था. ऑपरेशन के क्रम में व्यापक क्षति देख पाकिस्तान ने भारत से सैन्य कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई थी, जिसके बाद ऑपरेशन को स्थगित किया गया था. 

सम्मान और गौरव

ऑपरेशन सिंदूर में वीरता दिखाने के लिए वायुसेना दिवस (8 अक्टूबर) पर एयर चीफ मार्शल ने गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया था. वहीं, स्वतंत्रता दिवस पर सरकार ने स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को वीर चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की.

इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विंग कमांडर शिवानी, जो राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलटों में से एक हैं, को अब वायुसेना की ट्रेनिंग एकेडमी में इंस्ट्रक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है. ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने उनके बारे में झूठा प्रचार फैलाने की नाकाम कोशिश की थी.

राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान भारतीय वायुसेना के पराक्रम को सम्मान और प्रेरणा देने का प्रतीक मानी जा रही है. वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, यह कदम न केवल गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन के गौरव को रेखांकित करेगा, बल्कि महिला अधिकारियों और जवानों के आत्मबल को भी बढ़ाएगा.