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पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का जन्मदिन मनाते समय गर्भवती महिला पर हमला, पेट में मारी लात, आरोपी गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का जन्मदिन मनाते समय एक युवक ने शोर का विरोध करने पर छह माह की गर्भवती महिला के पेट में लात मार दी. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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Kuldeep Sharma

आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले से महिलाओं की सुरक्षा को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का जन्मदिन मनाने के दौरान पटाखों के शोर का विरोध करना एक गर्भवती महिला को भारी पड़ गया. 

मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसा में बदल गई. आरोपी युवक ने न केवल महिला के साथ बदसलूकी की, बल्कि उसके पेट में लात मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

पटाखों के शोर से शुरू हुआ विवाद

यह घटना तनाकल्लू मंडल के मुथ्यालावरी पल्ली गांव की है. पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय पुष्पला अजय देवा अपने परिवार के साथ घर के बाहर पटाखे फोड़कर जन्मदिन मना रहा था. तेज आवाज से आसपास के लोग परेशान हो गए. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली छह माह की गर्भवती महिला संध्या रानी ने शोर कम करने या कहीं और जाने का अनुरोध किया, जिससे विवाद शुरू हो गया.

गर्भवती महिला पर बेरहमी से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कहासुनी के बाद आरोपी अजय देवा ने आपा खो दिया. उसने महिला का गला पकड़ लिया और उसे सड़क पर घसीटते हुए पेट में जोरदार लात मार दी. महिला दर्द से चीख पड़ी और मौके पर गिर गई. घटना के समय आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन अचानक हुए हमले से कोई तुरंत हस्तक्षेप नहीं कर सका. महिला को गंभीर चोटें आईं.

पुलिस में शिकायत, आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही कादिरी डीएसपी शिव नारायण स्वामी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित जांच शुरू की. आरोपी की पहचान पुष्पला अजय देवा के रूप में हुई और उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया. मेडिकल जांच में महिला के घायल होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया.

सख्त संदेश देने के लिए परेड

पुलिस ने आरोपी को गांव की सड़कों पर परेड कराई, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीएसपी शिव नारायण स्वामी ने कहा कि गर्भवती महिला पर हमला अत्यंत गंभीर अपराध है. ऐसे मामलों में पुलिस किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी.

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, खासकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जश्न और राजनीतिक उत्सव के नाम पर कानून हाथ में लेना गलत है. पीड़िता की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी है.