NEET पेपर लीक पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करेगी बीजेपी

नीट पेपर लीक विवाद अब सड़कों से लेकर संसद तक राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है. कांग्रेस जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है.

ANI
Shanu Sharma

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र की सियासत लगातार गरमाती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी देशभर में बुधवार को कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में है. यह फैसला कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आया है. 

बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ था. पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस विरोध के जरिए कानून व्यवस्था को प्रभावित करने और प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर स्थिति पैदा करने की कोशिश की.

परीक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर संभाला

बीजेपी का यह भी कहना है कि राजनीतिक विरोध का यह तरीका गलत परंपरा को बढ़ावा देता है. इसी के विरोध में राज्य स्तर पर कांग्रेस मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. दूसरी ओर कांग्रेस नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है. राहुल गांधी पहले संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने शिक्षा मंत्री के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग उठाई है.


कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गंभीर चूक की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए. सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह संसद में इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए तैयार है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि विपक्ष लगातार अपनी मांगें बदल रहा है और छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है.

विपक्षी दलों का भी मिला समर्थन

जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया. इससे साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप देने की कोशिश कर रहा है.

इस बीच सरकार ने अलग मोर्चे पर बातचीत की पहल भी की है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में अनशनरत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की. वहीं, नीट विवाद और कांग्रेस-बीजेपी के आमने-सामने आने के बीच संसद के दोनों सदनों में भी एक बार फिर तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है.