रूस से तेल खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच यूरोपीय देश पोलैंड ने भारत के रुख को लेकर संतुलित बयान दिया है. पोलैंड ने माना है कि भारत ने रूसी तेल आयात में कटौती शुरू की है और इसे सही दिशा में कदम बताया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दे रहा है.
पेरिस में हुई एक अहम बैठक के बाद पोलैंड के विदेश मंत्री रादोसाव सिकोरस्की ने कहा कि उन्हें संतोष है कि भारत ने रूस से तेल खरीद कम की है. उनका कहना था कि रूसी तेल से मिलने वाला पैसा यूक्रेन युद्ध को लंबा खींच रहा है, इसलिए इसमें कमी जरूरी है. उन्होंने यह बयान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी में दिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही भारत से आने वाले कई सामानों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगा चुके हैं. अब अमेरिका में ऐसा कानून लाने की तैयारी है, जिसके तहत रूस से तेल या यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैक्स लगाया जा सकता है. ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर भारत ने तेल खरीद जारी रखी तो और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
यूरोप दौरे पर जयशंकर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूरोप दौरे पर हैं. उन्होंने कहा कि भारत-यूरोप संबंधों में बड़ी संभावनाएं हैं और दोनों मिलकर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में स्थिरता ला सकते हैं. जयशंकर पहली बार वीमर ट्रायंगल बैठक में शामिल हुए, जिसमें फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड के नेता मौजूद थे.
वीमर ट्रायंगल एक यूरोपीय समूह है, जिसकी शुरुआत 1991 में हुई थी. इसका मकसद यूरोप में राजनीतिक सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना है. इस मंच पर रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत-यूरोप संबंधों पर खुलकर चर्चा हुई.
भारत धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा नीति में बदलाव कर रहा है. हाल के महीनों में रूस से तेल खरीद का हिस्सा कम हुआ है. कुछ भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल लेना अस्थायी रूप से रोका भी है. हालांकि, भारत अब भी रूस के बड़े तेल खरीदारों में शामिल है.